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अभियान थमा, फिर आई बंदरों की फौज
ब्यूरो/अमर उजाला, अल्मोड़ा।
Updated Wed, 04 Mar 2015 11:56 PM IST
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बीते दिनों वन विभाग ने नगर के कई मोहल्लो में अभियान चलाकर बड़ी तादाद में बंदरों को पकड़ा, लेकिन अभियान के थमते ही बंदरों की संख्या फिर बढ़ गई। उत्पात बंदर घर-दुकान में घुसकर सामान उठा ले जाते हैं और सब्जी की फसल को भी चौपट कर देते हैं। अब तो बच्चों का अकेले बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है।
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मालूम हो कुछ माह पहले वन विभाग ने बाहर से टीम बुलाकर सैकड़ों बंदरों को पकड़कर दूर के जंगलों में छोड़ा था, लेकिन बंदरों का उत्पात कम नहीं हुआ। नगर के रानीधारा, पोखरखाली, ढूंगाधारा, चीनाखान, धारानौला, राजपुरा, खत्याड़ी, सरकार की आली, नृसिंहबाड़ी आदि मुहल्लों में बंदरों का जबरदस्त आतंक बना है। बंदर छतों पर सुखाने के लिए डाले गए कपड़े फाड़ देते हैं। घरों के निकट स्थित खेतों से भी बंदर फल, सब्जी, मक्का आदि खा जाते हैं।
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ग्रामीण इलाकों में भी बंदरों का आतंक बना हुआ है। खेतों से फल, सब्जी आदि को उखाड़ कर नष्ट कर देते हैं। इससे काश्तकार परेशान हैं। कई बार तो बंदर बच्चों को घायल कर देते हैं। कई मोहल्लों में तो बच्चों का अकेले स्कूल जाना मुश्किल हो रहा है। बंदरों के बढ़ते आतंक के कारण कई मुहल्लों में बच्चों का अकेले स्कूल आना जाने में खतरा बना रहता है।
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