वन निगम के फर्जी रवन्नों से लाखों के वारे-न्यारे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिविल सोयम वन प्रभाग कनारीछीना रेंज में वन निगम के लाखों के फर्जी रवन्ने छापकर लाखों के वारे-न्यारे किए गए हैं। संदेह होने पर जब वन संरक्षक ने जांच कराई तो रवन्ना फर्जी पाया गया। इतना ही नहीं इस रवन्ने पर लगाई गयी सभी मोहरें और संपत्ति चिन्ह भी फर्जी पाए गए। इस मामले में आरोपी को वन अधिनियम की विभिन्न धाराआं के तहत जेल भी भेज दिया गया, लेकिन वन संरक्षक ने मामले को यहीं खत्म नहीं किया। उन्होंने इस तरह के रवन्नो से कई अन्य ट्रकों से भी लकड़ी की निकासी होने की संभावना को लेकर वन निगम के छह अन्य रवन्ने भी बरामद किए और यह रवन्ने भी जांच में फर्जी पाए गए। अब वन संरक्षक ने सिविल सोयम वन प्रभाग के डीएफओ को प्रकरण में लिप्त आरोपियों पर शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला कुछ माह पूर्व का है जब फर्जी रवन्ने के जरिए कुछ लोग वन विकास निगम के लॉटों से अवैध रूप से लकड़ी की निकासी कर रहे थे। इसकी जांच में आरतोला-नैनी मोटर मार्ग पर भगड़तोला पर ट्रक संख्या यूके 01-सीए-0658 को लदी लकड़ी के साथ पकड़ा था। वाहन में बैठे एक आरोपी के पास वन विकास निगम के निकासी रवन्ने मिले थे और जांच में यह फर्जी पाए गए थे। वन संरक्षक उत्तरीवृत्त डा. आईपी सिंह के आदेश पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद वन संरक्षक के निर्देश पर नैनीताल वन प्रभाग के चाफी बैरियर पर वन विकास निगम के छह अन्य रवन्ने भी बरामद किए गए और यह भी जांच में फर्जी पाए गए।
पकड़े गए आरोपी के बयान में पूरे मामले में कनारीछीना में तैनात एक अधिकारी पर फर्जी रवन्ने दिलवाने का आरोप लगाया गया। नाराज वन संरक्षक ने पूरे मामले में जांच करने और आरोपियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इधर वन संरक्षक ने पूरे मामले में संलिप्त कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार अभियोग पंजीकृत कराने को भी कहा है। साथ ही सिविल सोयम के अलावा अन्य जगहों पर भी फर्जी रवन्ने के मामलों की जांच के निर्देश जारी किए हैं।
फर्जी रमन्ने मामले में डीएफओ को निर्देश दिए जा चुके हैं। वन निगम के इस प्रकरण में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है। -डा. आईपी सिंह, वन संरक्षक उत्तरीवृत्त, अल्मोड़ा।