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Almora News: दीक्षांत समारोह में मंच पर सम्मान नहीं मिलने से मेधावियों ने जताया विरोध
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अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विवि के बृहस्पतिवार को पहले दीक्षांत समारोह में 100 से अधिक मेधावियों का मंच पर सम्मान नहीं होने पर कड़ा विरोध जताया। समारोह में कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने 15 मेधावियों को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया। ऐसे में अन्य मेधावियों ने उन्हें प्राध्यापकों के माध्यम से मेडल देने का विरोध जताया। 25 मिनट चले इस हंगामे के बाद आखिरकार कुलपति और कुलसचिव के हाथों मंच पर सम्मान मिलने पर छात्र-छात्राओं का गुस्सा शांत हुआ।
मेधावियों ने आरोप लगाया कि यह सम्मान उनके साथ अपमान जैसा है और उनकी उपलब्धि को कम आंका जा रहा है। छात्र-छात्राओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें इस तरह ही सम्मानित किया जाना था तो उन्हें दीक्षांत समारोह में बुलाया ही क्यों गया। कई मेधावियों ने यह भी कहा कि वे इस अवसर के लिए दो दिन से अल्मोड़ा में रुके हुए थे।
विवि के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि वह कुलाधिपति को छोड़ने गए थे। राज्यपाल को जागेश्वर धाम में दर्शन के लिए जाना था। इस बीच अफवाह उड़ी की कुलपति भी कुलाधिपति के साथ जागेश्वर जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्यपाल को छोड़कर वह वापस समारोह स्थल पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने सभी मेधावियों को सम्मानित कर उनके साथ तस्वीर खींचवाई। सम्मान मिला तो मेधावियों के चेहरों पर मुस्कान लौटी।
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मेधावियों ने आरोप लगाया कि यह सम्मान उनके साथ अपमान जैसा है और उनकी उपलब्धि को कम आंका जा रहा है। छात्र-छात्राओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें इस तरह ही सम्मानित किया जाना था तो उन्हें दीक्षांत समारोह में बुलाया ही क्यों गया। कई मेधावियों ने यह भी कहा कि वे इस अवसर के लिए दो दिन से अल्मोड़ा में रुके हुए थे।
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विवि के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि वह कुलाधिपति को छोड़ने गए थे। राज्यपाल को जागेश्वर धाम में दर्शन के लिए जाना था। इस बीच अफवाह उड़ी की कुलपति भी कुलाधिपति के साथ जागेश्वर जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्यपाल को छोड़कर वह वापस समारोह स्थल पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने सभी मेधावियों को सम्मानित कर उनके साथ तस्वीर खींचवाई। सम्मान मिला तो मेधावियों के चेहरों पर मुस्कान लौटी।
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