फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Medical college principal removed due to minister's displeasure

मंत्री की नाराजगी प्राचार्य पर पड़ी भारी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jul 2021 12:03 AM IST
विज्ञापन
Medical college principal removed due to minister's displeasure
अल्मोड़ा। जिले की तत्कालीन कोविड प्रभारी मंत्री रेखा आर्या की नाराजगी का खामियाजा मेडिकल कालेज अल्मोड़ा के प्राचार्य डॉ. राम गोपाल नौटियाल को भुगतना पड़ा। मंत्री ने प्राचार्य के तबादले को लेकर स्वास्थ्य सचिव को भी पत्र लिखा था। शासन ने बृहस्पतिवार को अल्मोड़ा मेडिकल कालेज के प्राचार्य पद से डॉ. नौटियाल को हटाकर उन्हें वापस सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी मूल पद पर भेज दिया है।
विज्ञापन

मालूम हो कि जिले की तत्कालीन प्रभारी और बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्या कोरोना संक्रमण को लेकर दस जून को विकास भवन सभागार में बैठक ले रहीं थीं। समीक्षा बैठक के दौरान विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान का फोन आने पर प्राचार्य डॉ. नौटियाल ने रिसीव कर लिया। मंत्री ने इसे प्रोटोकाल का उल्लंघन करार दिया था। मंत्री का कहना था कि कोविड जैसे गंभीर मुद्दे पर समीक्षा करते हुए कोरोना की तीसरी लहर को लेकर निर्देश दिए जा रहे थे। प्राचार्य प्रेजेंटेशन रोककर फोन पर बात करते रहे। मंत्री का कहना था कि फोन किसका आया था इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी। प्राचार्य बेमन से काम कर रहे हैं और दो बार इस्तीफा दे चुके हैं। उन्हें पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है।
विज्ञापन

दूसरी ओर प्राचार्य ने इस समीक्षा बैठक में भाजपा पदाधिकारियों के बैठने पर सवाल खड़े कर दिए थे। प्राचार्य का कहना था कि प्रोटोकाल के अनुसार बैठक में सिर्फ शासन और प्रशासन के अधिकारी ही बैठ सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इधर विधानसभा उपाध्यक्ष चौहान का कहना था कि गंभीर मरीज को भर्ती करने को लेकर प्राचार्य को फोन किया था। यह इतने बड़े विवाद का विषय नहीं है। इस विवाद में उन्हें नहीं घसीटा जाना चाहिए। फोन करने का उनका अधिकार है। अच्छा होता कि मंत्री और प्राचार्य मेडिकल कालेज संचालित करने के लिए काम करते। इस विषय में विवाद ठीक नहीं है।
इसके बाद प्राचार्य और मंत्री के बीच ठन गई। विवाद ने तूल पकड़ा तो मंत्री ने 25 जून को स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखकर प्राचार्य पर सरकार और मंत्री की छवि धूमिल करने का आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने के लिए कहा था। कहा जा रहा है कि मंत्री की यही नाराजगी प्राचार्य पर भारी पड़ी और शासन ने उन्हें अल्मोड़ा मेडिकल कालेज से हटाने का फैसला ले लिया।
चिकित्सा मंत्री धन सिंह रावत अनुभवी हैं। मंत्री का प्रयास है कि मेडिकल कालेज अक्तूबर से संचालित हो जाए। कोविड हो या अन्य कारणों से मेडिकल कालेज संचालन में देरी हुई है। नए प्राचार्य डा. चंद्र प्रकाश भैसोड़ा के अनुभवों का लाभ मिलेगा और जल्द मेडिकल कालेज शुरू हो सकेगा। - रघुनाथ सिंह चौहान, विधायक अल्मोड़ा और विधानसभा उपाध्यक्ष।

नौटियाल के कार्यकाल में शुरू हुईं कई सुविधाएं
अल्मोड़ा। मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा के पूरी तरह अस्तित्व में आने से पूर्व ही कॉलेज के पहले प्राचार्य डॉ. राम गोपाल नौटियाल को पद से हटा दिया गया है। तीन साल से अधिक समय तक प्राचार्य पद पर रहते हुए नौटियाल ने ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट से लेकर लैब के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अप्रैल 2018 में डॉ. नौटियाल को प्राचार्य नियुक्त किया गया था। उस वक्त उनके पास हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के टीबी और चेस्ट विभाग का अतिरिक्त कार्यभार था। 15 सितंबर 2019 को उन्होंने पूरी तरह अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में कार्य संभाला। मेडिकल कॉलेज में भवन निर्माण से लेकर तमाम व्यवस्थाएं देखीं। उन्हीं के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेज में वायरोलॉजी लैब स्थापित हुई। 240 बेड में कोविड मरीजों का उपचार हुआ। मेडिकल कॉलेज में पर्वतीय जिले का पहला ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट शुरू हुआ। वहीं अन्य दो प्लांट को भी मंजूरी मिली। इसके अलावा लंबे समय से चल रहे बेस को मेडिकल कॉलेज में विलय किए जाने का फैसला भी उन्हीं के कार्यकाल में आया। हालांकि कोरोना के चलते अब तक मेडिकल कॉलेज में कक्षाएं संचालित नहीं हो पाई हैं। डॉ. नौटियाल ने पहली प्राथमिकता मेडिकल कॉलेज में कक्षाएं संचालित करना बताया। कहा कि जब कक्षाएं संचालित नहीं हुईं तो कोई भी उपलब्धि नहीं मानी जा सकती लेकिन उन्होंने कक्षाएं संचालन के लिए लगातार प्रयास किए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed