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Almora News: अल्मोड़ा में नम आंखों से दी गई शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी को अंतिम विदाई
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गंवाद न्यूज एजेंसी
अल्मोड़ा। शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर का पार्थिव शरीर सेना के विमान से जम्मू से पंतनगर एयरपोर्ट लाया गया। वहां से सेना के हेलीकॉप्टर के माध्यम से अल्मोड़ा स्थित आर्मी हेलीपैड पहुंचाया गया। हेलीपैड पर सेना के अधिकारियों और जवानों ने उन्हें श्रद्धापूर्वक अंतिम सलामी दी।
इसके बाद सेना के वाहन में पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके पांडेखोला स्थित आवास ले जाया गया। लोगों ने सड़क के दोनों ओर खड़े होकर पुष्प वर्षा की और शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान नगर भारत माता की जय और शहीद बीरेश्वर गोस्वामी अमर रहे के जयकारों से गूंज उठा। पांडेखोला स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटी। परिजन, रिश्तेदार, मित्र, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी तथा स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी वहां पहुंचे और शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
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तिरंगे से लिपटे बेटे का पार्थिव शरीर देखकर माता पिता और अन्य परिजन बिलख बिलख कर रो पडे़। इस दौरान हर आंख नम दिखाई दी। अंतिम दर्शन के बाद शहीद बीरेश्वर गोस्वामी की अंतिम यात्रा निकाली गई।
शहीद के चाचा और उनके बड़े भाई ने उन्हें मुखाग्नि दी। विश्वनाथ घाट पर आयोजित अंतिम संस्कार कार्यक्रम में भारतीय सेना ने शस्त्र झुकाकर एवं गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान कर शहीद अधिकारी को अंतिम सलामी दी गई। सैन्य परंपराओं के अनुरूप पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
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अल्मोड़ा। शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर का पार्थिव शरीर सेना के विमान से जम्मू से पंतनगर एयरपोर्ट लाया गया। वहां से सेना के हेलीकॉप्टर के माध्यम से अल्मोड़ा स्थित आर्मी हेलीपैड पहुंचाया गया। हेलीपैड पर सेना के अधिकारियों और जवानों ने उन्हें श्रद्धापूर्वक अंतिम सलामी दी।
इसके बाद सेना के वाहन में पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके पांडेखोला स्थित आवास ले जाया गया। लोगों ने सड़क के दोनों ओर खड़े होकर पुष्प वर्षा की और शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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इस दौरान नगर भारत माता की जय और शहीद बीरेश्वर गोस्वामी अमर रहे के जयकारों से गूंज उठा। पांडेखोला स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटी। परिजन, रिश्तेदार, मित्र, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी तथा स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी वहां पहुंचे और शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
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तिरंगे से लिपटे बेटे का पार्थिव शरीर देखकर माता पिता और अन्य परिजन बिलख बिलख कर रो पडे़। इस दौरान हर आंख नम दिखाई दी। अंतिम दर्शन के बाद शहीद बीरेश्वर गोस्वामी की अंतिम यात्रा निकाली गई।
शहीद के चाचा और उनके बड़े भाई ने उन्हें मुखाग्नि दी। विश्वनाथ घाट पर आयोजित अंतिम संस्कार कार्यक्रम में भारतीय सेना ने शस्त्र झुकाकर एवं गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान कर शहीद अधिकारी को अंतिम सलामी दी गई। सैन्य परंपराओं के अनुरूप पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।