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जिला पंचायत की बैठक से कई अधिकारी रहे नदारद
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
Updated Thu, 02 Nov 2017 11:13 PM IST
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जिला पंचायत अल्मोड़ा की बैठक में सदस्यों ने शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत संबंधी मुद्दे उठाए। जिला पंचायत अध्यक्ष पार्वती महरा ने शिकायतों को गंभीरता से लेने को कहा। इस दौरान कई विभाग के अधिकारी बैठक से नदारद रहे। अध्यक्ष ने इस पर नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने विकास से जुड़े अधिकारियों को अपने विकासखंड स्तर के कर्मचारियों को शिकायतों पर गंभीरता पूर्वक कार्य कर उसका निस्तारण करने और संबंधित क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य, शिकायतकर्ता को भी कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए। बैठक में मनरेगा के अंतर्गत 19.91 करोड़ की कार्ययोजना का अनुमोदन प्रस्ताव पारित किया गया।
दो सत्रों में चली बैठक को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष ने ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं पर संबंधित अधिकारी को यथा समय निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा विभाग की समस्याओं का समय से निस्तारण नहीं होने पर चिंता व्यक्त की। जिला पंचायत अध्यक्ष ने उपखंड शिक्षाधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों की कार्य प्रणाली पर भी नाराजगी जताई।
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बैठक में कई विभागों के अधिकारी मौजूद नहीं रहने पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। रानीखेत के विधायक करन महरा ने भी अधिकारियों से कार्यप्रणाली में सुधार लाने और आगामी बैठक में समस्याओं पर हुई कार्यवाही का उल्लेख करने को कहा। इस दौरान सदस्यों ने अपने क्षेत्रों की समस्याओं को रखा।
मुख्य विकास अधिकारी मयूर दीक्षित ने जिला पंचायत सदस्यों द्वारा उठाई गई समस्याओं का समय पर निस्तारण करने का आश्वासन दिया। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष शिवेंद्र रावत ने भी विचार रखे। अपर मुख्य अधिकारी मोहन लाल टम्टा ने जीएसटी लागू होने के बाद की जा रही कार्यवाही के बारे में बताया।
बैठक में जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र के विधायक के प्रतिनिधि के तौर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहन सिंह महरा समेत जिला पंचायत सदस्य और ब्लॉक प्रमुख मौजूद रहे।
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उन्होंने विकास से जुड़े अधिकारियों को अपने विकासखंड स्तर के कर्मचारियों को शिकायतों पर गंभीरता पूर्वक कार्य कर उसका निस्तारण करने और संबंधित क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य, शिकायतकर्ता को भी कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए। बैठक में मनरेगा के अंतर्गत 19.91 करोड़ की कार्ययोजना का अनुमोदन प्रस्ताव पारित किया गया।
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दो सत्रों में चली बैठक को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष ने ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं पर संबंधित अधिकारी को यथा समय निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा विभाग की समस्याओं का समय से निस्तारण नहीं होने पर चिंता व्यक्त की। जिला पंचायत अध्यक्ष ने उपखंड शिक्षाधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों की कार्य प्रणाली पर भी नाराजगी जताई।
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बैठक में कई विभागों के अधिकारी मौजूद नहीं रहने पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। रानीखेत के विधायक करन महरा ने भी अधिकारियों से कार्यप्रणाली में सुधार लाने और आगामी बैठक में समस्याओं पर हुई कार्यवाही का उल्लेख करने को कहा। इस दौरान सदस्यों ने अपने क्षेत्रों की समस्याओं को रखा।
मुख्य विकास अधिकारी मयूर दीक्षित ने जिला पंचायत सदस्यों द्वारा उठाई गई समस्याओं का समय पर निस्तारण करने का आश्वासन दिया। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष शिवेंद्र रावत ने भी विचार रखे। अपर मुख्य अधिकारी मोहन लाल टम्टा ने जीएसटी लागू होने के बाद की जा रही कार्यवाही के बारे में बताया।
बैठक में जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र के विधायक के प्रतिनिधि के तौर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहन सिंह महरा समेत जिला पंचायत सदस्य और ब्लॉक प्रमुख मौजूद रहे।