{"_id":"68054737e907a794f808f378","slug":"lungs-new-test-soon-in-almora-almora-news-c-232-1-shld1003-127094-2025-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: अब अल्मोड़ा में स्पाइरोमीटर से मापी जाएगी फेफड़ों की क्षमता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: अब अल्मोड़ा में स्पाइरोमीटर से मापी जाएगी फेफड़ों की क्षमता
Mon, 21 Apr 2025 12:42 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 21 Apr 2025 12:42 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेडिकल कालेज के अधीन बेस अस्पताल में मिलेगी सुविधा, दमा रोगियों को मिलेगी राहत
हेमंत बिष्ट
अल्मोड़ा। श्वांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे मरीजों के लिए अच्छी खबर है। मेडिकल कॉलेज अधीन बेस अस्पताल अल्मोड़ा में अब स्पाइरोमीटर मशीनस्थापित हो चुकी है। जिससे फेफड़ों की क्षमता मापी जा सकेगी और उस अनुरूप मरीजों को इलाज दिया जाएगा। इससे जिले के दमा रोगियों को राहत मिल सकेगी। अब तक इस जांच के लिए महानगरों को दौड़ लगानी पड़ती थी। संवाद
कोट::::: स्पाइरोमीटर को कंप्यूटर से जोड़ा जाता है और मशीन से मरीज के सांस लेने और छोड़ने की रीडिंग ली जाती है, जिसके आधार पर कंप्यूटर में एक ग्राफ बनता है। इसी ग्राफ के जरिये फेफड़ों की क्षमता का पता चलता है। इसी आधार पर चिकित्सक को उपचार देने में मदद मिलती है। सांस की बीमारियों के उपचार में काफी हद तक मदद मिलेगी।-डॉ. दिनेश चंद्र पुनेरा, विभागाध्यक्ष श्वसन रोग विभाग
विज्ञापन
हेमंत बिष्ट
अल्मोड़ा। श्वांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे मरीजों के लिए अच्छी खबर है। मेडिकल कॉलेज अधीन बेस अस्पताल अल्मोड़ा में अब स्पाइरोमीटर मशीनस्थापित हो चुकी है। जिससे फेफड़ों की क्षमता मापी जा सकेगी और उस अनुरूप मरीजों को इलाज दिया जाएगा। इससे जिले के दमा रोगियों को राहत मिल सकेगी। अब तक इस जांच के लिए महानगरों को दौड़ लगानी पड़ती थी। संवाद
कोट::::: स्पाइरोमीटर को कंप्यूटर से जोड़ा जाता है और मशीन से मरीज के सांस लेने और छोड़ने की रीडिंग ली जाती है, जिसके आधार पर कंप्यूटर में एक ग्राफ बनता है। इसी ग्राफ के जरिये फेफड़ों की क्षमता का पता चलता है। इसी आधार पर चिकित्सक को उपचार देने में मदद मिलती है। सांस की बीमारियों के उपचार में काफी हद तक मदद मिलेगी।-डॉ. दिनेश चंद्र पुनेरा, विभागाध्यक्ष श्वसन रोग विभाग
विज्ञापन