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साल को विदा करने के लिए पर्यटकों में दिख रही हिचक, बुकिंगें संतोषजनक नहीं
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गोल्फ मैदान बंद होने के कारण बाहर से लुत्फ लेते लोग। संवाद
- फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। साल 2021 की विदाई को मात्र अब 11 दिन ही बचे हैं। लेकिन पर्यटन नगरी के होटल, रिजार्टों में इस बार क्रिसमस और थर्टी फर्स्ट के लिए सैलानियों की बुकिंगें संतोषजनक नहीं हैं। कोरोना से पहले के वर्षों की बात करें तो दिसंबर दूसरे हफ्ते से ही होटलों में बुकिंग शुरू हो जाती थी और तीसरे हफ्ते तक सभी होटल, रिजार्ट तकरीबन फुल हो जाते थे।
कारोबारियों का कहना है कि इस बार अभी तक बेहद कम बुकिंगें हैं। कोरोना के ओमिक्रान स्वरूप का भी असर देखा जा रहा है। दूसरी तरफ रानीखेत में मनोरंजन स्थलों का अभाव दूर नहीं हो सका है। गोल्फ मैदान अब लगभग पर्यटकों के लिए बंद हो चुका है। पर्यटक यहां पहुंच तो रहे हैं, लेकिन यहां रुक नहीं रहे हैं।
कोरोना महामारी के कारण होटल व्यवसाय सर्वाधिक प्रभावित हुआ है। दूसरी लहर के बाद जैसे तैसे हालात सामान्य हो रहे थे, अब ओमिक्रॉन ने चिंताएं बढ़ा दी हैं। होटल व्यावसायी जगदीश अग्रवाल का कहना है कि पूर्व के वर्षों में दिसंबर दूसरे हफ्ते में बुकिंग फुल हो जाती थी। लेकिन इस बार 20 प्रतिशत भी बुकिंगें नहीं हैं। पर्यटन कारोबार उबर नहीं पा रहा है। होटल, रिजार्ट सहित पर्यटन कारोबार को चौपट करने के पीछे जहां कोरोना मुख्य कारण है, वहीं यहां पर्यटन स्थलों का विकसित नहीं हो पाना भी बड़ा कारण माना जा रहा है। पर्यटकों का मुख्य आकर्षण गोल्फ मैदान को अब बंद कर दिया गया था। सारा दारोमदार अब चौबटिया उद्यान पर ही निर्भर है। होटल व्यापारियों का कहना है कि पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना चाहिए था, लेकिन यह गतिविधियां आज तक नहीं बढ़ पाई। यदि शहर में मनोरंजन स्थल ही नहीं होंगे तो पर्यटक कहां से आएंगे। रोजमाउंट के अरविंद साह ने बताया कि कुछ खास कारोबार नही है। अभी क्रिसमस पर्व से आगे का पता चल जाएगा।
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-कारोबार संतोषजनक नहीं हैं। ओमिक्रॉन का भी खौफ पर्यटकों में देखा जा रहा है। जो भी बुकिंगे हो रही हैं वह रद्द हो जाती हैं। पिछले सालों में दिसंबर महीने में 100 प्रतिशत बुकिंग हो जाती है। अभी तक जो भी बुकिंगें आ रही हैं वह पक्की नहीं हैं।-हिमांशु उपाध्याय, अध्यक्ष होटल एसोसिएशन रानीखेत।
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कारोबारियों का कहना है कि इस बार अभी तक बेहद कम बुकिंगें हैं। कोरोना के ओमिक्रान स्वरूप का भी असर देखा जा रहा है। दूसरी तरफ रानीखेत में मनोरंजन स्थलों का अभाव दूर नहीं हो सका है। गोल्फ मैदान अब लगभग पर्यटकों के लिए बंद हो चुका है। पर्यटक यहां पहुंच तो रहे हैं, लेकिन यहां रुक नहीं रहे हैं।
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कोरोना महामारी के कारण होटल व्यवसाय सर्वाधिक प्रभावित हुआ है। दूसरी लहर के बाद जैसे तैसे हालात सामान्य हो रहे थे, अब ओमिक्रॉन ने चिंताएं बढ़ा दी हैं। होटल व्यावसायी जगदीश अग्रवाल का कहना है कि पूर्व के वर्षों में दिसंबर दूसरे हफ्ते में बुकिंग फुल हो जाती थी। लेकिन इस बार 20 प्रतिशत भी बुकिंगें नहीं हैं। पर्यटन कारोबार उबर नहीं पा रहा है। होटल, रिजार्ट सहित पर्यटन कारोबार को चौपट करने के पीछे जहां कोरोना मुख्य कारण है, वहीं यहां पर्यटन स्थलों का विकसित नहीं हो पाना भी बड़ा कारण माना जा रहा है। पर्यटकों का मुख्य आकर्षण गोल्फ मैदान को अब बंद कर दिया गया था। सारा दारोमदार अब चौबटिया उद्यान पर ही निर्भर है। होटल व्यापारियों का कहना है कि पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना चाहिए था, लेकिन यह गतिविधियां आज तक नहीं बढ़ पाई। यदि शहर में मनोरंजन स्थल ही नहीं होंगे तो पर्यटक कहां से आएंगे। रोजमाउंट के अरविंद साह ने बताया कि कुछ खास कारोबार नही है। अभी क्रिसमस पर्व से आगे का पता चल जाएगा।
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-कारोबार संतोषजनक नहीं हैं। ओमिक्रॉन का भी खौफ पर्यटकों में देखा जा रहा है। जो भी बुकिंगे हो रही हैं वह रद्द हो जाती हैं। पिछले सालों में दिसंबर महीने में 100 प्रतिशत बुकिंग हो जाती है। अभी तक जो भी बुकिंगें आ रही हैं वह पक्की नहीं हैं।-हिमांशु उपाध्याय, अध्यक्ष होटल एसोसिएशन रानीखेत।