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फलसीमा में आतंक का सबब बना तेंदुआ कैद

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jul 2020 11:25 PM IST
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leopard caught in falseema
अल्मोड़ा के फलसीमा में पिंजरे में कैद तेंदुआ। - फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। फलसीमा में दहशत मचाने वाला तेंदुआ बुधवार सुबह पिंजरे में कैद हो गया है। वन विभाग की टीम तेंदुए को रेस्क्यू सेंटर ले गई। तेंदुआ पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली लेकिन अब भी क्षेत्र में और तेंदुए के होने की आशंका से दहशत बनी हुई है।
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फलसीमा में कई दिनों से तेंदुए के आतंक से लोगों में भय का माहौल है। दो दिन पहले तेंदुए के हमले से दो महिलाएं भी घायल हो गई थीं। इसके अलावा पूर्व में भी यहां आबादी क्षेत्र में तेंदुआ दिखाई देने और वीडियो वायरल होने से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। लोगों की मांग के बाद वन विभाग ने वहां तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था।
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बुधवार सुबह सड़क से गुजर रहे लोगों को पिंजरे में तेंदुआ फंसा दिखाई दिया। सुबह करीब सवा छह बजे लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। कुछ ही देर में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। तब तक तेंदुए को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। वन विभाग की टीम ने फिलहाल गुलदार को एनटीडी स्थित रेस्क्यू सेंटर पहुंचा दिया है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार तेंदुआ स्वस्थ है। नर तेंदुए की उम्र लगभग नौ साल आंकी जा रही है। लोगों ने बताया कि समीप के क्षेत्रों में ही गत दिवस तीन तेंदुए और देखे गए थे।
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तेंदुए के खौफ से बाहर निकलना मुश्किल
अल्मोड़ा। भनोली तहसील के कई गांवों में तेंदुए का आतंक बढ़ने से ग्रामीणों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों ने सिविल सोयम वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी को ज्ञापन देकर तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की।
कफलनी, डणाऊं, डुंगरा आदि गांवों में तेदुए का आतंक बना है। कफलनी गांव में तेंदुए ने शिव दत्त की बकरी को शिकार बना डाला। जून में इसी गांव के प्रयाग दत्त और डणाऊं के परमानंद की बकरी को मार डाला। तेंदुआ गिरीश चंद्र के आंगन से कुत्ते को उठा ले गया। कफलनी के शिव दत्त ने बताया कि पिछले दो माह में तेंदुआ कई मवेशियों का निवाला बना चुका है।

कई मवेशियों के शव नहीं मिलने के कारण पशुपालक मुआवजे के लिए कार्रवाई नहीं कर सके। उन्होंने बताया कि तेंदुए के आतंक के कारण शाम होते ही लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने तेंदुए के आतंक से छुटकारा दिलाने की मांग की। इधर जैंती तहसील के चौकुना, बरम, नैगाड़, धनखोली, सैनोली, कनोली, मझाऊं, पुखाड़ी, रज्यूड़ा, पुभाऊ, कुंज, आरा समेत कई गांवों में तेंदुए का आतंक बना है। तेंदुए से भय से महिलाएं चारा, लकड़ी आदि लेने अकेले जंगल नहीं जा रही हैं।
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