Leopard Attack: एक मिनट तक तेंदुए से लड़ती रही महिला, खेत में घास लेने पहुंची थी खीमा; फिर ऐसे बची जान
द्वाराहाट में दिनदहाड़े तेंदुए ने घर के पास ही एक महिला पर हमला कर दिया। महिला घायल हो गई। संयोग से उसकी जान बच गई। उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
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द्वाराहाट में दिनदहाड़े तेंदुए ने घर के पास ही एक महिला पर हमला कर दिया। महिला घायल हो गई। संयोग से उसकी जान बच गई। उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
तल्ली तुमड़ी निवासी खीमा देवी (34) रविवार सुबह 10 बजे के करीब अपनी साथियों के साथ घर के पास ही खेतों में घास लेने पहुंची। घात लगाए तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। उसके चिल्लाने पर साथी महिलाओं ने भी शोर मचाया। एक मिनट तक चले संघर्ष के बाद तेंदुआ भाग गया और उसकी जान बच गई। तेंदुए ने अपने नाखूनों से महिला के शरीर पर गहरे घाव कर दिए। परिजनों ने उसे सीएचसी पहुंचाया जहां इलाज के बाद चिकित्सकों ने उसे घर भेज दिया। चिकित्सकों के मुताबिक उनकी हालत खतरे से बाहर है।
दिनदहाड़े हुई इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत है। सूचना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और गश्त की। घायल को 5000 रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। घटना से डरे ग्रामीणों ने तेंदुए को पकड़ने की मांग की है।
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जंगलों में आग के बाद आबादी का रुख करने लगे वन्यजीव
बीते दिनों जंगलों में लगी आग ने लोगों के साथ ही वन्यजीवों का जीवन प्रभावित किया है। वन विभाग भी मानता है कि जंगलों में आग लगने के बाद कई वन्यजीव और पक्षी मारे गए हैं। जो बचे हैं उनके सामने भोजन का संकट पैदा हो गया है और वह जंगलों से निकलकर आबादी की तरफ पलायन कर रहे हैं।
अल्मोड़ा और रानीखेत नगर में पहुंचने लगे तेंदुए
पिछले दिनों अल्मोड़ा नगर के पास पर्यटन विभाग के टीआरसी के पास तेंदुए ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। रानीखेत नगर के बीचोबीच छावनी परिषद के कार्यालय में भी तेंदुआ आ धमका। अन्य जगहों पर भी आबादी के नजदीक हर दिन तेंदुए की सक्रियता सामने आ रही है।
सूचना के बाद टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घायल को आर्थिक सहायता दी गई है। टीम क्षेत्र में गश्त कर तेंदुए की सक्रियता का पता लगाएगी, इसके बाद ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
-मदन लाल, रेंजर, द्वाराहाट।
जंगलों में लगी आग के बाद वन्यजीव आबादी की तरफ पलायन कर रहे हैं। आबादी के नजदीक उन्हें रहने की आदत हुई और आसानी से भोजन मिला तो खतरा बढ़ सकता है। उम्मीद है बारिश के बाद वन्यजीव जंगलों का रुख करेंगे।
-हेम चंद्र गहतोड़ी, डीएफओ, सिविल सोयम, अल्मोड़ा।