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रिंगाल और बांस से टोकरी, डलिया बनाना सीखा
Fri, 01 Mar 2019 11:14 PM IST
Almora desk
almora
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Published by: Almora desk
Updated Fri, 01 Mar 2019 11:14 PM IST
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रिंगाल से टोकरी बनाना सीखते छात्र-छात्राएं।
- फोटो : amar ujala
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राजकीय इंटर कॉलेज गोविंदपुर में आयोजित शिल्प एवं कला के 45 दिवसीय प्रशिक्षण का समापन हो गया है। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत आयोजित प्रशिक्षण के समापन पर छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार की गई वस्तुओं की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
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प्रशिक्षण में कक्षा नौ से बारहवीं तक के 40 छात्र-छात्राओं को रिंगाल और बांस से टोकरी, डलिया, झाड़ूू बनाने के अलावा विभिन्न अनाजों को संरक्षित करने के लिए रिंगाल से निर्मित बॉक्स बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को स्थानीय शिल्पी गोविंद राम ने प्रशिक्षण दिया। दूसरी प्रशिक्षक चांदनी सिद्दीकी ने निष्प्रयोज्य वस्तुओं से सजावटी सामग्री बनाने के गुर सिखाए गए। इसके अलावा सिलाई-कढ़ाई, पेंटिंग, कुशन निर्माण, उत्तराखंड की लोक कलाकृतियों ऐपण और रंगोली बनाने का प्रशिक्षण भी दिया।
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प्रधानाचार्य घनश्याम चंद्र पांडे ने कहा कि प्रशिक्षण छात्र-छात्राओं के लिए स्वरोजगार में भी सहायक होगा। इस अवसर पर एसएमसी अध्यक्ष हरीश चंद्र कोहली, सुंदर लाल आर्य, दिनेश पपनै, सरोजनी नबियाल, मनोज कुमार जोशी, विद्या भाकुनी, शालिनी तिवारी, दीपा उपाध्याय, पुष्पा कांडपाल के अलावा यश कोहली, सूरज कुमार, सुमित कुमार, पंकज बिष्ट, अंकिता भंडारी, साक्षी आर्या, सुरुचि, प्राची, हर्षिता आदि मौजूद थीं।
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