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अल्मोड़ा की तीन लाख महिलाओं का स्वास्थ्य रामभरोसे
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अल्मोड़ा का महिला अस्पताल। संवाद
- फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खोले गए अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज की सेहत ठीक नहीं है। कॉलेज पर क्षेत्र की तीन लाख महिलाओं के स्वास्थ्य की भी जिम्मेदारी है। आधी आबादी की फिक्र के बड़े-बड़े दावे कितने कागजी हैं इसकी पड़ताल कुछ यूं है। मेडिकल कॉलेज में महिला विशेषज्ञ चिकित्सकों के तीन तो जिला महिला अस्पताल में एक डॉक्टर का पद सालों से रिक्त है। ऐसे में महिलाएं उपचार के लिए मैदानी क्षेत्रों व निजी अस्पतालों का रुख करने को मजबूर हैं।
अल्मोड़ा के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 327 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज की स्थापना की गई थी। निर्माण के बाद जिले की तीन लाख महिला आबादी को भी नजदीक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी थी। बावजूद इसके उनकी यह उम्मीद परवान नहीं चढ़ सकी है। मेडिकल कॉलेज में महिला विशेषज्ञों की सालों बाद भी तैनाती नहीं हो सकी है।
कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक यहां पांच महिला विशेषज्ञ चिकित्सकों की जरूरत है। बावजूद इसके महज दो डॉक्टरों की यहां तैनाती हुई है। संचालन के दो साल बाद भी सरकार यहां पर्याप्त डॉक्टरों की तैनाती नहीं कर सकी है। जिले के विभिन्न हिस्सों से हर रोज प्रसव और अन्य बीमारियों के उपचार के लिए यहां 250 से अधिक महिलाएं पहुंचती हैं। पर्याप्त स्टाफ न होने से इनमें से अधिकतर महिलाओं को अन्य अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है।
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महिला अस्पताल में भी एकमात्र महिला विशेषज्ञ चिकित्सक
अल्मोड़ा। जिले के सबसे बड़े महिला अस्पताल में भी मानकों के अनुरूप महिला विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो सकी है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक यहां महिला विशेषज्ञ चिकित्सकों के दो पद सृजित हैं। बावजूद इसके एक पद सालों से रिक्त चल रहा है। ऐसे में महिला रोगियों के दबाव के चलते अस्पताल प्रबंधन के लिए उन्हें बेहतर उपचार देना किसी चुनौती से कम नहीं है। संवाद
मेडिकल कॉलेज को नहीं मिल रहे डॉक्टर
अल्मोड़ा। कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक वर्तमान में यहां 85 से अधिक डॉक्टरों व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की कमी बनी हुई है। इन पदों को भरने के लिए प्रबंधन ने कई बार विज्ञप्ति जारी की। बावजूद इसके स्वास्थ्य कर्मियों ने यहां तैनाती पाने में रुचि नहीं दिखाई है। 10 से अधिक बार विज्ञप्ति जारी होने पर एक भी डॉक्टर ने यहां नियुक्ति के लिए आवेदन नहीं किया। ऐसे में कॉलेज प्रबंधन के लिए पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था करना चुनौती बन गया है।
मेडिकल कॉलेज में तीन महिला विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त हैं, जिन्हें भरने के लिए कई बार विज्ञप्ति जारी हो चुकी है। कॉलेज प्रबंधन डॉक्टरों की तैनाती के लिए गंभीरता से प्रयास कर रहा है।
डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा।
कोट- जिला महिला अस्पताल में महिला विशेषज्ञ चिकित्सक का एक पद रिक्त है, जिस पर तैनाती शासन स्तर पर ही संभव है। अस्पताल प्रबंधन महिलाओं को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए गंभीरता से काम कर रहा है।
डॉ. प्रीति पंत, पीएमएस, जिला महिला अस्पताल।
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अल्मोड़ा के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 327 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज की स्थापना की गई थी। निर्माण के बाद जिले की तीन लाख महिला आबादी को भी नजदीक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी थी। बावजूद इसके उनकी यह उम्मीद परवान नहीं चढ़ सकी है। मेडिकल कॉलेज में महिला विशेषज्ञों की सालों बाद भी तैनाती नहीं हो सकी है।
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कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक यहां पांच महिला विशेषज्ञ चिकित्सकों की जरूरत है। बावजूद इसके महज दो डॉक्टरों की यहां तैनाती हुई है। संचालन के दो साल बाद भी सरकार यहां पर्याप्त डॉक्टरों की तैनाती नहीं कर सकी है। जिले के विभिन्न हिस्सों से हर रोज प्रसव और अन्य बीमारियों के उपचार के लिए यहां 250 से अधिक महिलाएं पहुंचती हैं। पर्याप्त स्टाफ न होने से इनमें से अधिकतर महिलाओं को अन्य अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है।
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महिला अस्पताल में भी एकमात्र महिला विशेषज्ञ चिकित्सक
अल्मोड़ा। जिले के सबसे बड़े महिला अस्पताल में भी मानकों के अनुरूप महिला विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो सकी है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक यहां महिला विशेषज्ञ चिकित्सकों के दो पद सृजित हैं। बावजूद इसके एक पद सालों से रिक्त चल रहा है। ऐसे में महिला रोगियों के दबाव के चलते अस्पताल प्रबंधन के लिए उन्हें बेहतर उपचार देना किसी चुनौती से कम नहीं है। संवाद
मेडिकल कॉलेज को नहीं मिल रहे डॉक्टर
अल्मोड़ा। कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक वर्तमान में यहां 85 से अधिक डॉक्टरों व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की कमी बनी हुई है। इन पदों को भरने के लिए प्रबंधन ने कई बार विज्ञप्ति जारी की। बावजूद इसके स्वास्थ्य कर्मियों ने यहां तैनाती पाने में रुचि नहीं दिखाई है। 10 से अधिक बार विज्ञप्ति जारी होने पर एक भी डॉक्टर ने यहां नियुक्ति के लिए आवेदन नहीं किया। ऐसे में कॉलेज प्रबंधन के लिए पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था करना चुनौती बन गया है।
मेडिकल कॉलेज में तीन महिला विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त हैं, जिन्हें भरने के लिए कई बार विज्ञप्ति जारी हो चुकी है। कॉलेज प्रबंधन डॉक्टरों की तैनाती के लिए गंभीरता से प्रयास कर रहा है।
डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा।
कोट- जिला महिला अस्पताल में महिला विशेषज्ञ चिकित्सक का एक पद रिक्त है, जिस पर तैनाती शासन स्तर पर ही संभव है। अस्पताल प्रबंधन महिलाओं को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए गंभीरता से काम कर रहा है।
डॉ. प्रीति पंत, पीएमएस, जिला महिला अस्पताल।