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रखरखाव के अभाव में चारागाह बन गया चिल्ड्रन पार्क
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Wed, 22 Feb 2017 10:02 PM IST
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इस हालत में है चिल्ड्रन पार्क।
- फोटो : अमर उजाला
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पर्यटकों को खींचने के लिए बेशक वन विभाग ईको टूरिज्म हट सहित तमाम योजनाएं धरातल पर उतारने की कोशिश कर रहा है, लेकिन विभाग की पुरानी योजनाएं ही परवान नहीं चढ़ पाई हैं। विभाग ने नौ साल पूर्व कैंपा योजना के तहत सौनी में लगभग छह लाख रुपए की लागत से चिल्ड्रन पार्क बनाया था, लेकिन देखरेख और रखरखाव के अभाव में यह पार्क वर्तमान में जानवरों का चारागाह बन चुका है।
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2008-09 में विभाग ने कैंपा योजना के तहत सौनी स्थित रेस्ट हाउस के समीप पर्यटकों को रिझाने के उद्देश्य से एक हेक्टेयर भूमि में पार्क का निर्माण कराया। इस पार्क में बच्चों के लिए झूले, हट और अन्य खेल से संबंधित संसाधन स्थापित किए, कैंटीन खोली, सौनी डांठ तक आरसीसी पीलरों के माध्यम से तार बाढ़ की गई, बिनसर महादेव की तरफ से निकलने वाले बड़े नाले से पार्क को बचाने के लिए सीमेंट के चेक डैम भी बनाए गए। पार्क देखने आने वालें पर्यटकों के लिए टिकट व्यवस्था भी बनाई। मुख्य मार्ग से लिंक रोड भी बनाई। पार्क की देखरेख विभाग ने एक स्थानीय संस्था को सौंप दी।
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तय हुआ कि संस्था टिकट से प्राप्त आधे धन को विभाग को देगी, जिससे मरम्मत कार्य होगा, लेकिन उचित देखरेख के नहीं होने से यह योजना धड़ाम हो गई। विभाग अब इसी क्षेत्र में ईको टूरिज्म हट, जंगल दर्शन के लिए संपर्क मार्ग सहित तमाम योजनाएं बना रहा है, लेकिन इन योजनाओं का संरक्षण और देखरेख कैसे होगा। वन क्षेत्राधिकारी दीवानी राम का कहना है कि कैंपा योजना के तहत नैनीताल-कालाढुंगी मार्ग पर हटें बनाई गई थीं, इनका संचालन सही तरीके से हो रहा है। सौनी स्थित पार्क को फिर से विकसित करने की योजना है।
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