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उच्च शिक्षा व्यवस्था की हालत को लेकर कुंजवाल उतरे मैदान में
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पत्रकारों से वार्ता करते जागेश्वर विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल।
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। जागेश्वर के विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा है कि राज्य के पर्वतीय इलाकों में उच्च शिक्षा व्यवस्था लड़खड़ा गई है। उन्होंने कहा कि जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्थित तीन महाविद्यालयों लमगड़ा, जैंती और गुरुड़ाबांज महाविद्यालयों में शिक्षकों का अभाव है और कई महत्वपूर्ण विषय उपलब्ध नहीं हैं।
इन महाविद्यालयों में व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग को लेकर वह 25 जुलाई को लमगड़ा, 26 को जैंती और 27 जुलाई को गुरुड़ाबांज तहसील मुख्यालय में उपवास रखेंगे।
अल्मोड़ा में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कुंजवाल ने कहा कि भाजपा सरकार आने के बाद से प्रदेश में उच्च शिक्षा व्यवस्था की हालत लगातार बिगड़ रही है। कांग्रेस सरकार के जाने के बाद से राज्य के किसी भी महाविद्यालय में नए विषय नहीं खुले हैं और महाविद्यालयों में पुस्तकों का भी अभाव है।
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कहा कि खुद उनके विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जैंती, लमगड़ा और गुरुड़ाबांज महाविद्यालयों की भी दशा ठीक नहीं है। लमगड़ा में महाविद्यालय के लिए ढाई साल पहले भूमि उपलब्ध करा दी गई है, लेकिन भवन के लिए पैसा नहीं मिला है। जैंती महाविद्यालय में विज्ञान और अंग्रेजी विषयों में पढ़ाई नहीं हो रही है और साथ ही प्रयोगशाला भी नहीं है।
उन्होंने सरकार को चेताने के लिए 25 जुलाई से तीनों महाविद्यालयों की समस्याओं को लेकर संबंधित क्षेत्र की तीनों तहसील मुख्यालयों में एक-एक दिन का उपवास रखने का एलान किया। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ महाविद्यालय में चल रहे आंदोलन को लेकर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री धन सिंह रावत के विवादास्पद बयान दिया जिसे सरकार की छवि भी खराब हुई।
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इन महाविद्यालयों में व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग को लेकर वह 25 जुलाई को लमगड़ा, 26 को जैंती और 27 जुलाई को गुरुड़ाबांज तहसील मुख्यालय में उपवास रखेंगे।
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अल्मोड़ा में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कुंजवाल ने कहा कि भाजपा सरकार आने के बाद से प्रदेश में उच्च शिक्षा व्यवस्था की हालत लगातार बिगड़ रही है। कांग्रेस सरकार के जाने के बाद से राज्य के किसी भी महाविद्यालय में नए विषय नहीं खुले हैं और महाविद्यालयों में पुस्तकों का भी अभाव है।
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कहा कि खुद उनके विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जैंती, लमगड़ा और गुरुड़ाबांज महाविद्यालयों की भी दशा ठीक नहीं है। लमगड़ा में महाविद्यालय के लिए ढाई साल पहले भूमि उपलब्ध करा दी गई है, लेकिन भवन के लिए पैसा नहीं मिला है। जैंती महाविद्यालय में विज्ञान और अंग्रेजी विषयों में पढ़ाई नहीं हो रही है और साथ ही प्रयोगशाला भी नहीं है।
उन्होंने सरकार को चेताने के लिए 25 जुलाई से तीनों महाविद्यालयों की समस्याओं को लेकर संबंधित क्षेत्र की तीनों तहसील मुख्यालयों में एक-एक दिन का उपवास रखने का एलान किया। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ महाविद्यालय में चल रहे आंदोलन को लेकर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री धन सिंह रावत के विवादास्पद बयान दिया जिसे सरकार की छवि भी खराब हुई।