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प्रतियोगिता के बहाने कुमाऊंनी संस्कृति और भाषा का प्रचार
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इंदू आर्या
- फोटो : RANIKHET
रानीखेत (अल्मोड़ा)। कोरोना काल में कई महोत्सवों में सांस्कृतिक गतिविधियां नहीं हुईं। इसलिए ऑनलाइन प्रतियोगिता के लिए यहां महिलाओं और बच्चों में खासा क्रेज देखा जा रहा है।
नंदाष्टमी मेले के तहत इस बार नंदा देवी महोत्सव समिति ने बच्चों और महिलाओं के बीच ऑनलाइन प्रतियोगिता कराई है। इसकी प्रतिभागी महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सजीं महिलाएं वीडियो बनाकर भेज रही हैं। कुमाऊंनी गीतों के माध्यम से निर्णायकों को रिझाने का प्रयास कर रही हैं, वहीं वरिष्ठ महिलाएं भी प्राचीन परिधानों से सुसज्जित होकर कुमाऊंनी संस्कृति का प्रचार कर रही हैं। इससे जहां युवा पीढ़ी को परंपरा और संस्कृति का बोध होगा, वहीं कुमाऊंनी भाषा के प्रचार को भी बल मिलेगा। प्रतियोगिता के आयोजक पत्रकार विमल सती ने बताया कि निर्णायकों का पैनल वीडियो की बारीकियों को देखकर निर्णय लेगा।
कुमाऊंनी महिला परिधान और रूप सज्जा प्रतियोगिता का आयोजन सराहनीय है। इसके माध्यम से कुमाऊं की संस्कृति को जानने का मौका मिल रहा है।
-प्रतिभा पांडेय, रानीखेत।
प्रतियोगिता से युवा महिलाओं को वरिष्ठ महिलाओं के माध्यम से और भी सीखने का मौका मिल रहा है। ऐसे आयोजनों को भविष्य में भी बढ़ावा देना होगा।
-इंदू आर्या, रानीखेत।
प्रतियोगिता का आयोजन काबिलेतारीफ है। कुमाऊंनी परिधान अनूठे हैं। इसका प्रचार-प्रसार होना जरूरी है। इससे युवा पीढ़ी को सीखने का मौका मिलेगा।
-कमला जोशी, रानीखेत।
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नंदाष्टमी मेले के तहत इस बार नंदा देवी महोत्सव समिति ने बच्चों और महिलाओं के बीच ऑनलाइन प्रतियोगिता कराई है। इसकी प्रतिभागी महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सजीं महिलाएं वीडियो बनाकर भेज रही हैं। कुमाऊंनी गीतों के माध्यम से निर्णायकों को रिझाने का प्रयास कर रही हैं, वहीं वरिष्ठ महिलाएं भी प्राचीन परिधानों से सुसज्जित होकर कुमाऊंनी संस्कृति का प्रचार कर रही हैं। इससे जहां युवा पीढ़ी को परंपरा और संस्कृति का बोध होगा, वहीं कुमाऊंनी भाषा के प्रचार को भी बल मिलेगा। प्रतियोगिता के आयोजक पत्रकार विमल सती ने बताया कि निर्णायकों का पैनल वीडियो की बारीकियों को देखकर निर्णय लेगा।
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कुमाऊंनी महिला परिधान और रूप सज्जा प्रतियोगिता का आयोजन सराहनीय है। इसके माध्यम से कुमाऊं की संस्कृति को जानने का मौका मिल रहा है।
-प्रतिभा पांडेय, रानीखेत।
प्रतियोगिता से युवा महिलाओं को वरिष्ठ महिलाओं के माध्यम से और भी सीखने का मौका मिल रहा है। ऐसे आयोजनों को भविष्य में भी बढ़ावा देना होगा।
-इंदू आर्या, रानीखेत।
प्रतियोगिता का आयोजन काबिलेतारीफ है। कुमाऊंनी परिधान अनूठे हैं। इसका प्रचार-प्रसार होना जरूरी है। इससे युवा पीढ़ी को सीखने का मौका मिलेगा।
-कमला जोशी, रानीखेत।

कमला जोशी- फोटो : RANIKHET

प्रतिभा पांडेय- फोटो : RANIKHET
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