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दो तिहाई सवारी बैठाने की छूट के बाद भी केमू के पहिये जाम
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अल्मोड़ा। बेमियादी हड़ताल के चलते सोमवार को भी कुमाऊं मोटर्स ऑनर्स यूनियन (केमू) बसों का संचालन ठप रहा। बसों में दो तिहाई सवारी बैठाने की छूट के बाद भी केमू की हड़ताल जारी है।
केमू प्रबंधन का कहना है कि शासनादेश पहुंचने के बाद ही संचालन शुरू किया जाएगा। इधर रोडवेज की 19 में से तीन सेवाओं का ही संचालन हुआ।
हड़ताल के चलते सोमवार को भी पहाड़ के 125 रूटों पर केमू की 350 बसों का संचालन नहीं हुआ। छूट के बावजूद बसों का संचालन नहीं होने के सवाल पर केमू के अधिशासी निदेशक हिम्मत सिंह नयाल ने बताया कि अभी उनके पास इस आशय का कोई शासनादेश नहीं पहुंचा है।
शासनादेश पहुंचने के बाद संचालन शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वाहनों के संचालन में सवारियों की संख्या को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 66 प्रतिशत करने के बावजूद केमू को नुकसान ज्यादा झेलना पड़ेगा।
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उन्होंने बताया कि हड़ताल से केमू को अब तक एक करोड़ साठ लाख रुपये से अधिक का घाटा हो गया है। सरकार को केमू को आर्थिक सहायता देनी चाहिए। इधर रोडवेज की भी 19 सेवाओं में से केवल एक बस हल्द्वानी और दो बसें बागेश्वर रूट पर चलीं।
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केमू प्रबंधन का कहना है कि शासनादेश पहुंचने के बाद ही संचालन शुरू किया जाएगा। इधर रोडवेज की 19 में से तीन सेवाओं का ही संचालन हुआ।
हड़ताल के चलते सोमवार को भी पहाड़ के 125 रूटों पर केमू की 350 बसों का संचालन नहीं हुआ। छूट के बावजूद बसों का संचालन नहीं होने के सवाल पर केमू के अधिशासी निदेशक हिम्मत सिंह नयाल ने बताया कि अभी उनके पास इस आशय का कोई शासनादेश नहीं पहुंचा है।
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शासनादेश पहुंचने के बाद संचालन शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वाहनों के संचालन में सवारियों की संख्या को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 66 प्रतिशत करने के बावजूद केमू को नुकसान ज्यादा झेलना पड़ेगा।
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उन्होंने बताया कि हड़ताल से केमू को अब तक एक करोड़ साठ लाख रुपये से अधिक का घाटा हो गया है। सरकार को केमू को आर्थिक सहायता देनी चाहिए। इधर रोडवेज की भी 19 सेवाओं में से केवल एक बस हल्द्वानी और दो बसें बागेश्वर रूट पर चलीं।