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तीन माह बाद पहाड़ की रूटों पर आज से दौड़ेंगी केमू की बसें
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अल्मोड़ा। पर्वतीय क्षेत्र के यात्रियों के लिए लाइफ लाइन केमू की बसें तीन माह बाद बुधवार से सड़कों पर दौड़ेंगी। पहले चरण में ट्रायल के तौर पर पूरे कुमाऊं मंडल में 30 वाहनों का संचालन किया जाएगा। अल्मोड़ा से हल्द्वानी, गंगोलीहाट के लिए सुबह साढ़े छह बजे पहली सेवा रवाना होगी। यात्री बढ़ने के साथ ही बंद रूटों को चालू कर सेवाओं में इजाफा किया जाएगा।
केमू स्टेशन प्रभारी बीबी चंदोला ने बताया कि आठ जुलाई से जिले के विभिन्न मार्गों पर करीब आठ सेवाओं का संचालन होगा। जिले में हल्द्वानी-अल्मोड़ा-मिर्थी- थल डीडीहाट, अल्मोडा-वाया सेराघाट, गंगोलीहाट, दन्यां पनार गंगोलीहाट, पिथौरागढ़ वाया ताकुला बागेश्वर, वाया गरुड़ बागेश्वर, रानीखेत सेवाओं का संचालन होगा।
कुमाऊं मंडल में केमू की 350 से अधिक बसों का संचालन होता है। जनता कर्फ्यू से केमू की बसों के पहिए जाम थे। इससे जहां मालिकों को आर्थिक नुकसान हो रहा था वहीं चालक, परिचालक बेरोजगार हो गए थे। केमू के अधिकारियों के मुताबिक केमू को पूरे कुमाऊं में करीब साढ़े तीन करोड़ का घाटा हुआ है। तीन माह बाद बुधवार से केमू का संचालन होने से पर्वतीय क्षेत्र के यात्रियों को सुविधा मिलेगी। बगैर मास्क पहने और सैनिटाइज के यात्रियों को बसों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। बसों में सवार होने से पहले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग होगी। बसों में कुल सीट क्षमता के सापेक्ष 50 फीसदी यात्री ही सफर कर सकेंगे।
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केमू स्टेशन प्रभारी बीबी चंदोला ने बताया कि आठ जुलाई से जिले के विभिन्न मार्गों पर करीब आठ सेवाओं का संचालन होगा। जिले में हल्द्वानी-अल्मोड़ा-मिर्थी- थल डीडीहाट, अल्मोडा-वाया सेराघाट, गंगोलीहाट, दन्यां पनार गंगोलीहाट, पिथौरागढ़ वाया ताकुला बागेश्वर, वाया गरुड़ बागेश्वर, रानीखेत सेवाओं का संचालन होगा।
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कुमाऊं मंडल में केमू की 350 से अधिक बसों का संचालन होता है। जनता कर्फ्यू से केमू की बसों के पहिए जाम थे। इससे जहां मालिकों को आर्थिक नुकसान हो रहा था वहीं चालक, परिचालक बेरोजगार हो गए थे। केमू के अधिकारियों के मुताबिक केमू को पूरे कुमाऊं में करीब साढ़े तीन करोड़ का घाटा हुआ है। तीन माह बाद बुधवार से केमू का संचालन होने से पर्वतीय क्षेत्र के यात्रियों को सुविधा मिलेगी। बगैर मास्क पहने और सैनिटाइज के यात्रियों को बसों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। बसों में सवार होने से पहले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग होगी। बसों में कुल सीट क्षमता के सापेक्ष 50 फीसदी यात्री ही सफर कर सकेंगे।
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