{"_id":"6a5fb0c9c78baf8115093688","slug":"kamala-bhandari-became-self-reliant-through-beekeeping-received-an-award-for-her-excellent-work-almora-news-c-232-1-alm1015-146355-2026-07-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: मधुमक्खी पालन से आत्मनिर्भर बनीं कमला भंडारी, उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला सम्मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: मधुमक्खी पालन से आत्मनिर्भर बनीं कमला भंडारी, उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला सम्मान
Tue, 21 Jul 2026 11:17 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 21 Jul 2026 11:17 PM IST
विज्ञापन
अल्मोड़ा। जिले के खत्याड़ी गांव की महिला उद्यमी कमला भंडारी को मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन और आउटलेट संचालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान देहरादून में आयोजित उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रदान किया गया है।
कमला भंडारी ने मधुमक्खी पालन को आजीविका का सशक्त माध्यम बनाकर न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल की है, बल्कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कई महिलाओं को भी इसका प्रशिक्षण दे रही हैं। वह जय नंदन स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं। वर्तमान में उन्होंने अपने घर की छत और आंगन में मधुमक्खियों की कई पेटियां स्थापित की हैं। उनका कहना है कि मधुमक्खी पालन से उन्हें प्रतिमाह 30 से 40 हजार रुपये तक की आय हो रही है। भुली कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को सफल उद्यमी बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर और रोजगार सृजक बनाना है। इसमें कमला भंडारी ने मधुमक्खी पालन में किए गए कार्य को सराहा गया और उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है।
विज्ञापन
कमला भंडारी ने मधुमक्खी पालन को आजीविका का सशक्त माध्यम बनाकर न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल की है, बल्कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कई महिलाओं को भी इसका प्रशिक्षण दे रही हैं। वह जय नंदन स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं। वर्तमान में उन्होंने अपने घर की छत और आंगन में मधुमक्खियों की कई पेटियां स्थापित की हैं। उनका कहना है कि मधुमक्खी पालन से उन्हें प्रतिमाह 30 से 40 हजार रुपये तक की आय हो रही है। भुली कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को सफल उद्यमी बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर और रोजगार सृजक बनाना है। इसमें कमला भंडारी ने मधुमक्खी पालन में किए गए कार्य को सराहा गया और उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है।
विज्ञापन