{"_id":"646fad284e80ce573f08d2e4","slug":"jhipa-village-bhaavana-inspiration-almora-news-c-8-1-150907-2023-05-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: अभावों में हासिल किया मुकाम, खोखा चलाने वाले की बेटी ने मेरिट सूची में दर्ज किया नाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: अभावों में हासिल किया मुकाम, खोखा चलाने वाले की बेटी ने मेरिट सूची में दर्ज किया नाम
Fri, 26 May 2023 12:17 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Fri, 26 May 2023 12:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। सल्ट विकासखंड के झीपा गांव की बेटी भावना ने अभावों में सफलता का मुकाम हासिल कर अन्य बेटियों के प्रेरणा बनने का काम किया है। पिता टिन का खोखा चलाते हुए परिवार का पालन कर रहे हैं। मां पशुपालन से इस काम में उनका हाथ बंटा रही हैं। निर्धन परिवार की बेटी ने अपनी मेहनत के दम पर जिले के साथ ही प्रदेश में परिवार का नाम रोशन किया है।
जीआईसी झीपा की भावना ने संघर्षों से मुकाबला कर इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में 93.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में 20वीं रैंक प्राप्त की है। भावना के पिता महेश चंद्र भारद्वाज खोखे में उपकरणों की रिपेयरिंग कर आजीविका चलाते हैं। दो वक्त की रोटी का भी बमुश्किल जुगाड़ होता है। ऐसे में उनकी बेटी ने अभावों को दरकिनार कर अपने पिता के सपने को साकार किया है। भावना ने कहा कि बेटियां किसी से कम नहीं होतीं।
वह मेडिकल के क्षेत्र में जाकर सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत करेंगी। जिले के मलाण गांव के किसान जसौद सिंह के पुत्र जीआईसी खेती के सुंदर सिंह ने कई अभावों से जूझते हुए इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में 93 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में 21वां स्थान पाया है। उन्हें 465 अंक मिले हैं। उनके पिता खेती कर गुजर बसर करते हैं। सुंदर ने बताया कि वह प्रतिदिन छह से आठ घंटे पढ़ाई करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जीआईसी झीपा की भावना ने संघर्षों से मुकाबला कर इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में 93.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में 20वीं रैंक प्राप्त की है। भावना के पिता महेश चंद्र भारद्वाज खोखे में उपकरणों की रिपेयरिंग कर आजीविका चलाते हैं। दो वक्त की रोटी का भी बमुश्किल जुगाड़ होता है। ऐसे में उनकी बेटी ने अभावों को दरकिनार कर अपने पिता के सपने को साकार किया है। भावना ने कहा कि बेटियां किसी से कम नहीं होतीं।
विज्ञापन
वह मेडिकल के क्षेत्र में जाकर सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत करेंगी। जिले के मलाण गांव के किसान जसौद सिंह के पुत्र जीआईसी खेती के सुंदर सिंह ने कई अभावों से जूझते हुए इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में 93 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में 21वां स्थान पाया है। उन्हें 465 अंक मिले हैं। उनके पिता खेती कर गुजर बसर करते हैं। सुंदर ने बताया कि वह प्रतिदिन छह से आठ घंटे पढ़ाई करते हैं।
विज्ञापन