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सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ जागेश्वर श्रावणी मेला शुरू
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Sun, 16 Jul 2017 10:51 PM IST
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पौध रोपण करते डीएम सविन बंसल
- फोटो : अमर उजाला
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पूजा-पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रम के बीच प्रसिद्ध जागेश्वर मंदिर में एक माह तक चलने वाला श्रावणी मेला रविवार को शुरू हो गया। मेले का उद्घाटन करते हुए मंदिर समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि जागेश्वर को पांचवें धाम के रूप में विकसित करने को सामूहिक प्रयास करने होंगे।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए धार्मिक पर्यटन और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण मेलों के आयोजन के लिए वार्षिक कलेंडर तैयार कर रही है। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा कलेंडर के अनुसार मेलों के लिए बजट का प्रावधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धर्मशाला का निर्माण किया जाएगा। इस अवसर पर डीएम ने मंदिर के समीप ध्यान योग कक्ष का भी लोकार्पण किया।
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डीएम बंसल ने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ विलुप्त हो रही संस्कृति के संरक्षण के लिए मेलों के आयोजन को प्राथमिकता देनी होगी। जागेश्वर को पांचवें धाम के रूप मे विकसित करने के लिए सामूहिक प्रयास पर जोर देते हुए मंदिर के संरक्षण और सुंदरीकरण पर भी ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने जागेश्वर क्षेत्र में जटा गंगा किनारे भूमि कटाव को रोकने के लिए चेकडैम बनाने के लिए प्रयास करने पर जोर देते हुए आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए धर्मशाला का निर्माण कराए जाने की बात भी कही।
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उन्होंने बताया कि इसके लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। इस मौके पर योग शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मंदिर के समीप ध्यान योग कक्ष का भी लोकार्पण किया गया। एसएसपी पी रेणुका देवी ने जागेश्वर मंदिर समूह को दुनिया की अनूठी कलाकृतियों में एक बताते हुए कहा कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा।
सीडीओ जेएस नागन्याल ने कहा कि जल स्रोतों को बचाने की शुरुआत जटा गंगा को पुनर्जीवित करने से की जाएगी। इसके लिए कुंजापुर से लेकर मंदिर तक 60 हेक्टेयर भूमि में पौध रोपण और तटबंध निर्माण का कार्य किया जाएगा। मंदिर समिति के उपाध्यक्ष गिरीश भट्ट ने कहा कि जागेश्वर क्षेत्र में योग शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ ही संस्कृत विद्यालय की स्थापना भी की जाएगी। भाजपा नेता सुभाष पांडे ने मेले में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर कार्य करने का आह्वान किया। संचालन मंदिर समिति के प्रबंधक प्रकाश भट्ट ने किया।
उद्घाटन अवसर पर जीजीआईसी दन्यां की छात्राओं और विहान संस्था के कलाकारों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इससे पूर्व जटा गंगा में पौधरोपण भी किया गया। इस मौके पर एसडीएम अवधेश कुमार, परियोजना निदेशक डीडी पंत, सीएमओ डा. निशा पांडे, डीएफओ आरसी शर्मा, सीओ आरएस टोलिया, रमेश बहुगुणा, प्रकाश भट्ट, गिरीश भट्ट, राम दत्त भट्ट समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।
शराब और पॉलिथीन पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
जिलाधिकारी सविन बंसल ने मेला अवधि में शराब पर प्रतिबंध रखने और पेयजल, विद्युत, सड़क समेत परिवहन और खाद्य आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने बताया कि एक माह तक चलने वाले मेले में पॉलिथीन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। लोनिवि अधिकारियों को सड़क बंद होने पर जेसीबी मशीनों की व्यवस्था करने और दुग्ध और पेयजल विभाग को आपूर्ति बाधित न हो इसका ध्यान रखने को कहा। स्वास्थ्य विभाग को स्टॉल लगाकर मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वयं सहायता समूह द्वारा उत्पादित माल और चेली ऐपण संस्था के उत्पादों को मेले में प्रदर्शित करने को कहा।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
जागेश्वर मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मेले में पहली बार एक प्लाटून पीएसी के अलावा दर्जनों पुलिस कर्मी, होम गार्ड और पीआरडी जवानों को भी तैनात किया गया है। एसएसपी पी रेणुका देवी खुद सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं। यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए यातायात कर्मियों के साथ ही फायर टेंडर को भी मेला स्थल के आसपास तैनात किया गया है।