अल्मोड़ा। प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में बृहस्पतिवार से श्रावणी मेला शुरू हो गया है। कोरोना महामारी को देखते हुए मेला सादगी से मनाया जा रहा है और दुकानें भी नहीं लगाई गई हैं। हर रोज सिर्फ 100 लोगों को ही मंदिर में दर्शनों की अनुमति दी जा रही है। आने वाले दिनों में संख्या बढ़ने की उम्मीद है। सावन के पहले दिन जागेश्वर धाम में 15 संकल्प पूजा, पार्थिव पूजन, रुद्राभिषेक, जाप ऑनलाइन हुए। श्रद्धालुओं ने अपने घरों से ही जागेश्वर के पंडितों से ऑनलाइन पूजा कराई। बृहस्पतिवार सुबह भनोली की एसडीएम मोनिका के नेतृत्व में वृद्ध जागेश्वर और जागेश्वर में पौधरोपण और जागेश्वर मंदिर समूह में सांकेतिक हवन, पूजन के साथ मेले का शुभारंभ हुआ।
जागेश्वर धाम में हर साल सावन माह में एक माह तक श्रावणी मेला लगता है। इसमें आसपास समेत बाहरी स्थानों से व्यवसायी आकर मंदिर परिसर और आसपास दुकानें, फड़ लगाते थे। कोरोना के चलते इस बार मेले में दुकानें और फड़ नहीं लगाए गए हैं। सावन के पहले दिन जागेश्वर धाम में 100 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। 15 संकल्प पूजा, पार्थिव पूजन, रुद्राभिषेक, जाप ऑनलाइन हुए। श्रद्धालुओं ने घर में बैठे ही मंदिर के पुजारियों से ऑनलाइन पूजा, रुद्राभिषेक आदि कराया। पुजारी लक्ष्मी भट्ट, शुभम भट्ट, विनोद भट्ट, हेमंत भट्ट, गिरीश भट्ट, हंसा दत्त भट्ट ने ऑनलाइन पूजा कराई। जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति के मुताबिक इस बार मेले में दुकानें, फड़ नहीं लगेंगे। साथ ही एक दिन में 100 ही भक्त दर्शन कर सकेंगे। समिति ने एक दिन में मंदिर में दर्शन करने वालों की संख्या बढ़ाने को लेकर जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेजा है। इस मौके पर भनोली की एसडीएम मोनिका, जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति के प्रबंधक भगवान भट्ट, ज्येष्ठ उप ब्लॉक प्रमुख धौलादेवी योगेश भट्ट, बीडीओ उमेद सिंह गैड़ा आदि थे।