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उपपा बोली, 19 वर्षों बाद भी नहीं बन सका शदीदों के सपनों का उत्तराखंड
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अल्मोड़ा गांधी पार्क में धरना देते उपपा कार्यकर्ता।
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने रविवार को खटीमा मसूरी कांड की 25वीं वर्षगांठ पर चौघानपाटा गांधी पार्क में धरना दिया और इस मौके पर उत्तराखंड आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर हुई सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि अलग राज्य की मांग को लेेकर प्रदेश के कई लोगों ने शहादत दी। उन्होंने कहा कि एक सितंबर 1994 को हजारों की संख्या में स्थानीय लोग और आंदोलनकारी सड़कों पर उतरे। अलग राज्य की मांग को लेकर खटीमा चौराहे पर शांतिपूर्ण ढंग से धरना प्रदर्शन कर रहे निहत्थे लोगों पर पुलिस ने गोलियां चलाकर कई लोगों को मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस की इस बर्बरता पूर्ण कार्रवाई में सात आंदोलनकारियों ने अपनी शहादत दी। वहीं दो सितंबर 1994 को मसूरी में हंसा धनाई और वेलमती चौहान सहित छह लोगों ने शहादत दी। उन्होंने कहा कि राज्य में शासन करने वाली राष्ट्रीय दलों की सरकारों ने जनता की मूलभूत समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया और आज स्थिति से पहले भी खराब हो चुकी है।
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वहां उपपा की केंद्रीय सचिव आनंदी वर्मा, लीला आर्या, देवीलाल साह, राजू गिरी, कमलेश, किरन आर्या, आनंद रावत, गोपाल राम आदि थे।
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इस अवसर पर हुई सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि अलग राज्य की मांग को लेेकर प्रदेश के कई लोगों ने शहादत दी। उन्होंने कहा कि एक सितंबर 1994 को हजारों की संख्या में स्थानीय लोग और आंदोलनकारी सड़कों पर उतरे। अलग राज्य की मांग को लेकर खटीमा चौराहे पर शांतिपूर्ण ढंग से धरना प्रदर्शन कर रहे निहत्थे लोगों पर पुलिस ने गोलियां चलाकर कई लोगों को मौत के घाट उतार दिया।
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पुलिस की इस बर्बरता पूर्ण कार्रवाई में सात आंदोलनकारियों ने अपनी शहादत दी। वहीं दो सितंबर 1994 को मसूरी में हंसा धनाई और वेलमती चौहान सहित छह लोगों ने शहादत दी। उन्होंने कहा कि राज्य में शासन करने वाली राष्ट्रीय दलों की सरकारों ने जनता की मूलभूत समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया और आज स्थिति से पहले भी खराब हो चुकी है।
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वहां उपपा की केंद्रीय सचिव आनंदी वर्मा, लीला आर्या, देवीलाल साह, राजू गिरी, कमलेश, किरन आर्या, आनंद रावत, गोपाल राम आदि थे।