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आसानी से खुल सकते हैं रेखा के लिए भाजपा के दरवाजे
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Fri, 13 May 2016 10:28 PM IST
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कांग्रेस का साथ पहले ही छोड़ने वाले नौ बागी विधायकों की अपेक्षा फ्लोर टेस्ट के दौरान कांग्रेस का साथ छोड़ने वाली सोमेश्वर विधायक रेखा आर्या के लिए भाजपा के दरवाजे आसानी से खुल सकते हैं क्योंकि वह कांग्रेस के नौ बागी विधायकों के साथ नहीं गई बल्कि सीधे भाजपा के संपर्कों से गईं। चूंकि उनकी पृष्ठभूमि पहले भी भाजपा की रही है इसलिए भाजपा को भी उन्हें अपनी पार्टी में शामिल करने में ज्यादा देर नहीं लगेगी। सूत्रों की मानें तो अगले तीन-चार दिन में रेखा आर्या के भाजपा में शामिल होने की संभावना है।
बताया जा रहा है कि दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ उनकी मुलाकात हो चुकी है और किसी भी दिन उन्हें सदस्यता दिलाई जा सकती है। वहीं, रेखा आर्या प्रदेश सरकार में कथित भ्रष्टाचार और सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र की उपेक्षा को मुद्दा बनाकर पूरे जोश खरोश से जनता के बीच जाने की तैयारी में है। दूसरी तरफ कांग्रेस भी रेखा को घेरने की रणनीति बनाने में जुट गई है। इसीलिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय कांग्रेस कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्श के लिए रविवार को सोमेश्वर पहुंच रहे हैं।
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उल्लेखनीय है कि 2013 के लोकसभा चुनाव में रेखा आर्या अल्मोड़ा से भाजपा के टिकट की दावेदार थी और उनका नाम पैनल में भी रहा, लेकिन आखिरकार पार्टी ने अजय टम्टा को उम्मीदवार घोषित कर दिया था। बाद में अजय टम्टा द्वारा सोमेश्वर से विधायक सीट खाली करने के बाद रेखा कांग्रेस में शामिल हो गई और उपचुनाव में विधायक चुन ली गई। उस दौर में सांसद का टिकट लेने की होड़ में रेखा और अजय टम्टा के बीच खटास भी काफी बढ़ गई थी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक अब रेखा को भाजपा में शामिल करने को लेकर पार्टी नेतृत्व ने अजय टम्टा की भी सहमति करा ली है। बाकायदा अजय टम्टा ने उन्हें पार्टी में शामिल करने का स्वागत भी किया है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि रेखा आर्या इन दिनों दिल्ली में ही हैं और उनकी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात हो चुकी है। सूत्रों की मानें तो आने वाले तीन-चार दिनों में उन्हें भाजपा की सदस्यता ग्रहण करा दी जाएगी।
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रेखा आर्या के समर्थकों का कहना है कि क्षेत्र की विधायक होने के बावजूद नानीसार में जिंदल ग्रुप के इंटरनेशनल स्कूल के शिलान्यास कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं करने से रेखा को बहुत ठेस पहुंची थी। उसके बाद से ही रेखा के पार्टी नेताओं के साथ मतभेद शुरू हो गए थे। हालांकि, उसके बाद 28 फरवरी को रेखा आर्या ने सोमेश्वर में विशाल रैली करके अपने दम पर काफी भीड़ जुटाई और मुख्यमंत्री हरीश रावत के सामने एक तरह से अपना शक्ति प्रदर्शन करने का प्रयास भी किया। उनके समर्थक बताते हैं कि कांग्रेस के भीतर कुछ लोगों की वजह से रेखा खुद को सहज महसूस नहीं कर रही थी। बताया जा रहा है कि बीते दिनों फ्लोर टेस्ट से पहले भाजपा के कुछ स्थानीय नेताओं ने पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी से रेखा की मुलाकात करवाई। भाजपा नेताओं से वार्ताओं के कई दौर के बाद आखिरकार रेखा ने पाला बदलने की ठान ली। अब सीएम रावत के नेतृत्व में दोबारा कांग्रेस सरकार के सत्ता में आ जाने के बाद रेखा आर्या ने सोमेश्वर से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की ठान ली है।