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155 गरीब परिवारों का अपने घर का सपना टूटा
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Sun, 06 Nov 2016 11:23 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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अल्मोड़ा। जवाहर लाल नेहरू शहरी नवीनीकरण मिशन के एकीकृत आवास और मलिन बस्ती सुधार कार्यक्रम (आईएचएसडीपी) के बंद होने से अल्मोड़ा पालिका क्षेत्र में चयनित 155 गरीब परिवारों का अपने घर का सपना टूट गया है। इस योजना के तहत पालिका क्षेत्र में चयनित 217 गरीबों में से 62 गरीबों के ही मकान बन सके हैं। केंद्र सरकार द्वारा यह योजना बंद कर दी है।
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योजना के तहत पालिका परिषद को शासन से मई 2010 में 8.33 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए थे। इस धनराशि से मलिन बस्तियों में गरीबों के लिए 217 आवास, संपर्क मार्ग, सामुदायिक केंद्र, नाला निर्माण, स्वच्छता, पेयजल, विद्युतीकरण, सीवरेज का कार्य प्रस्तावित था।
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तब एक आवास की लागत 2.04 लाख थी। इस धनराशि से 27 वर्ग मीटर में दो कक्ष, स्टोर रूम, शौचालय, स्नानागार, रसोई का निर्माण किया जाना था। पहली किश्त के रूप में शासन से पालिका परिषद को 334.32 लाख रुपए मिले थे।
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पालिका परिषद ने शासन द्वारा तय निर्माण एजेंसी यूपी प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) को 277.28 लाख रुपए अवमुक्त किए, लेकिन निर्माण एजेंसी ने चार साल बाद तक 28 आवास बनाए, जबकि 34 आवास अधूरे छोड़ दिए।
समय पर आवासों का निर्माण न करने पर पालिका परिषद ने कार्यदायी संस्था के तत्कालीन परियोजना प्रबंधक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद यूपीपीसीएल ने संबंधित परियोजना प्रबंधक को निलंबित भी कर दिया था लेकिन आवासों का निर्माण पूरा नहीं हो सका।
इसके बाद पालिका परिषद ने 63 लाख रुपए की धनराशि से अधूरे 34 आवासों का निर्माण पूरा करवाया। योजना के तहत कुल 62 आवास ही बन सके। शेष 155 आवासों का निर्माण ही शुरू नहीं हो सका। अब केंद्र सरकार ने यह योजना ही बंद कर दी है। जिससे इन परिवारों का अपने घर का सपना टूट गया है।