अल्मोड़ा। इन दिनों सुबह शाम शुष्क ठंड की वजह से नाक, कान और गले की बीमारियां में इजाफा हुआ है। जिला और बेस अस्पताल में लगातार रोगी इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। नाक, कान, गले के विशेषज्ञ चिकित्सक के पास ही हर रोज कम से कम 180 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। चिंता की बात यह है कि सप्ताह में एक दो मरीज गले के कैंसर के भी पहुंच रहे हैं।
इन दिनों गले में संक्रमण, एलर्जी, कान में इंफेक्शन, मवाद और नाक में एलर्जी जैसी तकलीफें बढ़ी हैं। जिला अस्पताल में सोमवार और शुक्रवार और अन्य दिनों बेस अस्पताल में सेवाएं दे रहे नाक, कान, गला विशेषज्ञ डॉ. विक्रांत ने बताया कि जिला अस्पताल में ही एक दिन में सौ तक मरीज उनके पास इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा गले में संक्रमण के रोगी हैं। इसके अलावा कान और नाक में परेशानी का भी इलाज कराने मरीज पहुंच रहे हैं। उन्होंने नाक, कान और गले को सुरक्षित रखने के लिए लोगों से बदलते मौसम में ठंड से बचने की सलाह दी है। डॉ. विक्रांत ने बताया कि हफ्ते में एक दो लोग गले के कैंसर की समस्या के भी आ रहे हैं। कारण पूछने पर उन्होंने बताया कि अत्यधिक धूम्रपान और तंबाकू के सेवन से लोगों को कैंसर जैसी भयानक बीमारी हो रही है। इससे बचने के लिए उन्होंने लोगों से धूम्रपान का सेवन बंद करने और किसी भी प्रकार की तकलीफ होने पर तुरंत कुशल विशेषज्ञ चिकित्सक के पास जाने की सलाह दी है।