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रानीखेत और द्वाराहाट के गांवों में सुअरों ने तबाह की फसल
अल्मोड़ा़, अमर उजाला ब्यूरो रानीखेत
Updated Fri, 21 Jul 2017 10:18 PM IST
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खेत
- फोटो : अमर उजाला
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रानीखेत और द्वाराहाट तहसील में सुअरों के आतंक ने किसानों की मेहनत पर पूरी तरह से पानी फेर दिया है। ग्रामीण सब्जी और फसल उत्पादन के माध्यम से किसी तरह आजीविका चला रहे थे, लेकिन सुअरों ने खेतों को पूरा खोद डाला है।
रानीखेत तहसील के महतगांव, गल्ली बस्यूरा, ताड़ीखेत से लगे गांव सब्जी उत्पादन के लिए मशहूर हैं। सुअर रात में कुरमुलों की तलाश में खेतों को खोद देते हैं, जिस कारण फसल तबाह हो जा रही है। द्वाराहाट के असगोली, धन्यारी क्षेत्रों में सुअरों का खासा आतंक है। धन्यारी में सूअरों ने बृहस्पतिवार रात जगदीश सिंह और रमेश सिंह के घर के पास खेतों में लगाए गडेरी के पौध तहस नहस कर दिए। ग्राम प्रधान कमला देवी ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर प्रभावित काश्तकारों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। दैरी, बिजेपुर आदि क्षेत्रों में भी जंगली सुअरों का आतंक है। ग्रामीणों के पहरा देने के बावजूद आंख बचाकर सूअर खेतों में घुस जाते हैं। यहां ग्रामीणों ने धान, मडुवा, सोयाबीन, तिल आदि फसलें बोई हैं, सूअरों ने खेतों को खोदकर पूरी तरह से तहस नहस कर दिया है। माया बिष्ट, गोपाल लाल शाह, गिरीश चंद्र, चंदन सिंह, भूपाल सिंह, शीलू त्रिपाठी आदि के खेत इनमें शामिल हैं। ग्रामीणों ने कहा कि तमाम दिक्कतों के कारण ही ग्रामीण पहाड़ से पलायन को विवश हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन को ज्ञापन भेजकर आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
रानीखेत तहसील के महतगांव, गल्ली बस्यूरा, ताड़ीखेत से लगे गांव सब्जी उत्पादन के लिए मशहूर हैं। सुअर रात में कुरमुलों की तलाश में खेतों को खोद देते हैं, जिस कारण फसल तबाह हो जा रही है। द्वाराहाट के असगोली, धन्यारी क्षेत्रों में सुअरों का खासा आतंक है। धन्यारी में सूअरों ने बृहस्पतिवार रात जगदीश सिंह और रमेश सिंह के घर के पास खेतों में लगाए गडेरी के पौध तहस नहस कर दिए। ग्राम प्रधान कमला देवी ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर प्रभावित काश्तकारों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। दैरी, बिजेपुर आदि क्षेत्रों में भी जंगली सुअरों का आतंक है। ग्रामीणों के पहरा देने के बावजूद आंख बचाकर सूअर खेतों में घुस जाते हैं। यहां ग्रामीणों ने धान, मडुवा, सोयाबीन, तिल आदि फसलें बोई हैं, सूअरों ने खेतों को खोदकर पूरी तरह से तहस नहस कर दिया है। माया बिष्ट, गोपाल लाल शाह, गिरीश चंद्र, चंदन सिंह, भूपाल सिंह, शीलू त्रिपाठी आदि के खेत इनमें शामिल हैं। ग्रामीणों ने कहा कि तमाम दिक्कतों के कारण ही ग्रामीण पहाड़ से पलायन को विवश हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन को ज्ञापन भेजकर आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
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