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Almora News: सुबह ही बाजार और गलियों में दिख रहे बंदरों के झुंड, दहशत में लोग
Fri, 08 May 2026 11:42 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Fri, 08 May 2026 11:42 PM IST
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रानीखेत (अल्मोड़ा) नगर और आसपास के क्षेत्रों में बंदरों व लंगूरों की दहशत बढ़ती जा रही है। सुबह ही बंदरों के झुंड बाजार, छतों और संकरी गलियों में पहुंच रहे हैं। सदर बाजार, छावनी क्षेत्र समेत कई मोहल्लों में दिनभर बंदरों की आवाजाही बनी रहती है, जिससे लोगों में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संकरी गलियों में अचानक बंदरों के झुंड बैठ जाने से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार बंदर राह चलते लोगों से सामान छीन लेते हैं तो कभी घरों में घुसकर नुकसान पहुंचाते हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बंदरों और सुवरों ने खेती-किसानी को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। किसानों का कहना है कि खेतों में खड़ी सब्जियों और अनाज की फसल लगातार बर्बाद हो रही है। लोगों ने प्रशासन से जल्द प्रभावी कार्रवाई की मांग उठाई है।
क्या बोले लोग
सुबह ही बंदरों के झुंड बाजार और गलियों में पहुंच जाते हैं। कई बार तो लोग अकेले निकलने से भी डरने लगे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी संकरी गलियों में होती है, जहां अचानक बंदर घेर लेते हैं। ऐसा लग रहा है कि इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। - दीपक बोरा, रानीखेत
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पहले पहाड़ में इतने बंदर और लंगूर देखने को नहीं मिलते थे। अब हालात यह हैं कि घरों की छतों और रास्तों पर इनका कब्जा सा हो गया है। लोगों में यह आशंका भी बढ़ रही है कि कहीं बाहर के क्षेत्रों से बंदरों को लाकर यहां छोड़ा तो नहीं जा रहा।- आनंद अग्रवाल, रानीखेत
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कोट
जिन क्षेत्रों से बंदरों के आतंक की शिकायत मिल रही है वहां टीम भेजी जा रही है। समय-समय पर बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाता है और पकड़े गए बंदरों को अल्मोड़ा स्थित रेस्क्यू सेंटर में सुरक्षित छोड़ा जा रहा है। : - तापश मिश्रा, रेंजर वन विभाग रानीखेत
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क्या बोले लोग
सुबह ही बंदरों के झुंड बाजार और गलियों में पहुंच जाते हैं। कई बार तो लोग अकेले निकलने से भी डरने लगे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी संकरी गलियों में होती है, जहां अचानक बंदर घेर लेते हैं। ऐसा लग रहा है कि इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। - दीपक बोरा, रानीखेत
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पहले पहाड़ में इतने बंदर और लंगूर देखने को नहीं मिलते थे। अब हालात यह हैं कि घरों की छतों और रास्तों पर इनका कब्जा सा हो गया है। लोगों में यह आशंका भी बढ़ रही है कि कहीं बाहर के क्षेत्रों से बंदरों को लाकर यहां छोड़ा तो नहीं जा रहा।- आनंद अग्रवाल, रानीखेत
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कोट
जिन क्षेत्रों से बंदरों के आतंक की शिकायत मिल रही है वहां टीम भेजी जा रही है। समय-समय पर बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाता है और पकड़े गए बंदरों को अल्मोड़ा स्थित रेस्क्यू सेंटर में सुरक्षित छोड़ा जा रहा है। : - तापश मिश्रा, रेंजर वन विभाग रानीखेत