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मेरा गांव मेरा जंगल अभियान में पौधे लगाने उमड़े ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Sun, 09 Jul 2017 11:23 PM IST
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पौधे
- फोटो : अमर उजाला
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सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। मेरा गांव मेरा जंगल अभियान के अंतर्गत रविवार को अर्जुनराठ, भानाराठा, मल्लाखोली के ग्रामीणों ने स्थानीय जंगल में डेढ़ हजार चौड़ी पत्ती प्रजाति के पौधे रोपे। पौधरोपण में सभी आयु वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी।
अमर उजाला फाउंडेशन के गगास बचाओ अभियान से प्रेरणा लेकर तीनों गांवों के लोगों ने मेरा गांव जंगल अभियान शुरू करने का निर्णय लिया था। बीती पांच जून से अर्जुनराठ, भानाराठा और मल्लाखोली के ग्रामीणों ने गांव के जंगल में पौधे लगाने के लिए गड्डे खोदे। ग्रामीणों को वन विभाग सोमेश्वर रेंज कार्यालय द्वारा काफल, बांज, बुरांश, उतीस, पांगर, देवदार के पौधे उपलब्ध कराए गए। रविवार तीनों गांवों के डेढ़ सौ से अधिक ग्रामीणों ने अभियान में हिस्सा लिया। ग्रामीणों के अलावा तहसीलदार खुशबू आर्या, थानाध्यक्ष बिजेंद्र साह, डिप्टी रेंजर चंद्रशेखर भट्ट, वन कर्मियों ने भी भाग लिया। ग्रामीणों ने रोपे गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगल की तारबाड़ करने का अनुरोध किया है, ताकि जंगल को बचाने में सहयोग मिल सके। वनाधिकारियों ने ग्रामीणों की पहल का स्वागत करते हुए अभियान को अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणादायी बताया।
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शिक्षकों ने जलपान की व्यवस्था की
सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। गांव के शिक्षकों ने पौधरोपण के लिए आए ग्रामीणों के लिए जलपान की व्यवस्था की थी। शिक्षक ठाकुर सिंह बोरा, नरेंद्र बोरा, ललित मोहन बोरा पौधरोपण के लिए पहुंचे ग्रामीणों के लिए चाय, पानी आदि का इंतजाम किया।
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बुजुर्ग महिलाओं में उत्साह दिखा
पौधरोपण अभियान में शामिल होने आईं बुजुर्ग महिलाओं ने अभियान के साथ ही अमर उजाला फाउंडेशन के गगास बचाओ अभियान को सराहा। उनका कहना है कि जंगल बचेंगे तो पर्यावरण बचेगा। पौधरोपण के लिए अर्जुनराठ गांव की 75 वर्षीय कमला देवी और इसी गांव की 73 वर्षीय तारा देवी डेढ़ किमी पैदल चलकर पौधे रोपने आईं। इसी तरह 65 वर्षीय रुकमा देवी और 80 वर्षीय मोहनी देवी भी पौधे रोपने के लिए पहुंचीं।