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देवदार के पेड़ सूखने लगे तो वन विभाग सकते में, डीएफओ ने बिठाई जांच
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रानीखेत मार्ग में सोनी बिनसर में देवदार के एक पेड़ में इस तरह किया गया है घाव।
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। अल्मोड़ा वन प्रभाग के अंतर्गत सोनी बिनसर रानीखेत क्षेत्र में देवदार के पेड़ लगातार सूखते जा रहे हैं। करीब एक हेक्टेयर वन क्षेत्र में देवदार के पेड़ों के सूखने से वन विभाग सकते में आ गया है। दो साल पहले भी यहां 12 देवदार के पेड़ सूख गए थे। वन विभाग ने सूख गए इन पेड़ों को चोरी और जलावनी लकड़ी के प्रयोग से बचाने के लिए वन निगम को लाट बनाकर दिए थे। इस बार फिर देवदार के दो पेड़ सूख गए हैं। डीएफओ ने वन अधिकारियों को वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दिए हैं।
रानीखेत मार्ग पर सोनी बिनसर के जंगल अल्मोड़ा वन प्रभाग के क्षेत्र में आता है। करीब एक हेक्टेयर वन क्षेत्र में यहां काफी संख्या में देवदार के पेड़ हैं। वन विभाग का यहां गेस्ट हाउस भी है और यह कैंप क्षेत्र भी आता है। वर्ष 2016-17 में यहां करीब 12 देवदार के पेड़ सूख गए। वन विभाग के अधिकारियों को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने सूखे पेड़ों के चोरी होने की आशंका के चलते वन निगम को लाट बनाकर दे दिए। इस साल देवदार के दो पेड़ फिर सूख गए हैं। जिससे वन विभाग में हड़कंप मच गया है।
वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यहां लगने वाले मेले के दौरान आने कुछ व्यापारी अपनी दुकान लगाने के लिए देवदार के हरे पेड़ों में कील गाड़ देते हैं। बाद में उन्हें निकाला नहीं जाता है। इसके अलावा मंदिर समिति के अतिक्रमण का भी खतरा है। फिलहाल मामला जो भी हो देवदार के पेड़ों का इस तरह सूखना पर्यावरण के लिए काफी घातक है।
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कोट.....
काफी गंभीर मामला है। यहां देवदार के पेड़ पहले भी सूख रहे थे और इस बार भी कुछ पेड़ सूख रहे हैं। इन पेड़ों में गहरे घाव भी बने हैं। वास्तविकता जांचने के लिए रेंज आफिसर को जांच के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए अलावा उन्हें यहां पौध रोपण की योजना बनाने को भी कहा गया है। -महातिन यादव, डीएफओ अल्मोड़ा वन प्रभाग, अल्मोड़ा।
फोटो-
03एएलएम01पी- रानीखेत मार्ग में सोनी बिनसर में देवदार के एक पेड़ में इस तरह किया गया है घाव।
03एएलएम02पी- रानीखेत मार्ग में सोनी बिनसर क्षेत्र में सूखे पेड़ों के ठूंठ।
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रानीखेत मार्ग पर सोनी बिनसर के जंगल अल्मोड़ा वन प्रभाग के क्षेत्र में आता है। करीब एक हेक्टेयर वन क्षेत्र में यहां काफी संख्या में देवदार के पेड़ हैं। वन विभाग का यहां गेस्ट हाउस भी है और यह कैंप क्षेत्र भी आता है। वर्ष 2016-17 में यहां करीब 12 देवदार के पेड़ सूख गए। वन विभाग के अधिकारियों को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने सूखे पेड़ों के चोरी होने की आशंका के चलते वन निगम को लाट बनाकर दे दिए। इस साल देवदार के दो पेड़ फिर सूख गए हैं। जिससे वन विभाग में हड़कंप मच गया है।
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वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यहां लगने वाले मेले के दौरान आने कुछ व्यापारी अपनी दुकान लगाने के लिए देवदार के हरे पेड़ों में कील गाड़ देते हैं। बाद में उन्हें निकाला नहीं जाता है। इसके अलावा मंदिर समिति के अतिक्रमण का भी खतरा है। फिलहाल मामला जो भी हो देवदार के पेड़ों का इस तरह सूखना पर्यावरण के लिए काफी घातक है।
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काफी गंभीर मामला है। यहां देवदार के पेड़ पहले भी सूख रहे थे और इस बार भी कुछ पेड़ सूख रहे हैं। इन पेड़ों में गहरे घाव भी बने हैं। वास्तविकता जांचने के लिए रेंज आफिसर को जांच के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए अलावा उन्हें यहां पौध रोपण की योजना बनाने को भी कहा गया है। -महातिन यादव, डीएफओ अल्मोड़ा वन प्रभाग, अल्मोड़ा।
फोटो-
03एएलएम01पी- रानीखेत मार्ग में सोनी बिनसर में देवदार के एक पेड़ में इस तरह किया गया है घाव।
03एएलएम02पी- रानीखेत मार्ग में सोनी बिनसर क्षेत्र में सूखे पेड़ों के ठूंठ।