‘सरकार के तुगलकी फरमान पर आमरण अनशन भी करूंगा’
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उद्यान और कृषि विभाग के एकीकरण को कांग्रेस विधानमंडल दल के उपनेता और विधायक करन माहरा ने सरकार का तुगलकी फरमान करार दिया है। कहा कि उद्यान और कृषि विभाग की कार्यप्रणाली अलग है। विलय होने से उद्यमियों को नुकसान होगा। आंदोलन के दूसरे चरण में वह प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में उद्यानिकी से जुड़े लोगों से संपर्क कर जनविरोधी नीति के खिलाफ संघर्ष करेंगे। कहा कि जरूरत पड़ी तो आमरण अनशन करने से भी पीछे नहीं हटा जाएगा। इससे पूर्व वरिष्ठ कार्यकर्ता किशन लाल ने विधायक को जूस पिलाकर उनका 24 घंटे का उपवास तुड़वाया।
मालूम हो कि उद्यान और कृषि विभाग के एकीकरण के खिलाफ विधायक करन माहरा ने यहां समर्थकों के साथ 24 घंटे का उपवास किया। इस दौरान चंदन बिष्ट, संदीप बंसल, महेश आर्या, मनोज पांडे, सतीश नेगी, कुंदन बिष्ट, गोपाल देव आदि उनके साथ अनशन पर बैठे। सुबह उपवास तोड़ने के वक्त विधायक माहरा प्रदेश सरकार की नीतियों पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र में उद्यानीकरण की अवधारणा को लेकर ही पूर्व मुख्यमंत्री स्व. गोविंद बल्लभ पंत ने उद्यान निदेशालय की स्थापना की थी, लेकिन अब एकीकरण के बहाने रानीखेत से उद्यान निदेशालय को हटाने की साजिश रची जा रही है। बाद में माहरा ने पत्रकार वार्ता में कहा कि वह इस मसले को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन करने की तैयारी कर रहे हैं। सरकार का यह निर्णय पूरी तरह से आत्मघाती है। इससे उद्यानिकी से जुड़े किसानों और कर्मचारियों के हित प्रभावित होंगे। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख रचना रावत, वरिष्ठ नेता नरेंद्र रौतेला, कैलाश पांडे, हेमंत बिष्ट, कमलेश बोरा, व्यापार संघ अध्यक्ष भगवंत नेगी, दीपक पंत, हेमंत रौतेला सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।
भाजपाई बोले- कर्मचारियों के हित में है एकीकरण
भाजपा कार्यकर्ताओं की यहां हुई बैठक में उद्यान और कृषि विभाग के एकीकरण को काश्तकार के हित में बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि दोनों विभागों की तकनीक एक है, ऐसे में योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। कहा कि सरकार उद्यमियों और कर्मचारियों के हितों का पूरी तरह से संरक्षण कर रही है।
विधानसभा संयोजक मदन माहरा की अध्यक्षता में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश की त्रिवेंद्र सरकार हर वर्ग के लोगों का विकास कर रही है। किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए ही उद्यान और कृषि विभाग का एकीकरण किया जा रहा है। दोनों विभाग एक होने से किसानों को योजनाओं के लाभ के लिए अलग-अलग चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सरकार का मकसद उद्यान के साथ ही कृषि को भी बढ़ावा देकर पलायन रोकना है। किसानों और उद्यमियों से इस नीति का विरोध नहीं करने की अपील की गई। बैठक में रामनाथ कोविंद के 14वें राष्ट्रपति बनने पर हर्ष जताया गया। कार्यक्रम में कैंट उपाध्यक्ष मोहन नेगी, मंडल अध्यक्ष ध्यान सिंह नेगी, भूपेंद्र देव, बीडीसी मदन कुवार्बी, प्रेम शर्मा, पावस जोशी, विनोद उपाध्याय, दीप भगत, चंदन भगत, राजेंद्र जसवाल, कुंवर सिंह गोसाई, देवेंद्र पांडे, मदन रावत, राम सिंह रावत, गणेश राम, पान सिंह रौतेला आदि मौजूद रहे।