{"_id":"592864564f1c1b812d536468","slug":"hindu-society-aims-to-make-women-self-respecting-mala","type":"story","status":"publish","title_hn":" हिंदू समाज की युवतियों को स्वाभिमानी बनाना लक्ष्य : माला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिंदू समाज की युवतियों को स्वाभिमानी बनाना लक्ष्य : माला
अल्मोड़ा़,अमर उजाला
Updated Fri, 26 May 2017 10:52 PM IST
विज्ञापन
माला रावल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
दुर्गा वाहिनी की राष्ट्रीय संयोजिका माला रावल का कहना है कि संगठन का उद्देश्य हिंदू समाज को संस्कारवान बनाना है। संगठन देश में लव जेहाद को बर्दाश्त नहीं करेगा। राष्ट्रीय संयोजिका यहां डायट में चल रहे दुर्गावाहिनी के प्रदेश स्तरीय शिविर के दौरान पत्रकारों से वार्ता कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि देश में दुर्गा वाहिनी की पचास हजार प्रशिक्षित कार्यकर्ता हिंदू समाज में सेवा, सुरक्षा और संस्कारवाहन बनाने के लिए कार्य कर रही हैं। शिविर के माध्यम से हिंदू समाज की युवतियों को शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है।
हिंदू समाज की युवतियों को स्वाभिमानी बनाना संगठन का लक्ष्य है। शिविर में युवतियों को कराटे, दंड संचालन, सूर्य नमस्कार, योगासन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ताकि युवतियां स्वयं की रक्षा कर सकें और उनमें अच्छे संस्कार विकसित हों। उन्होंने कहा कि देश में लड़कियों का अनुपात काफी कम है। एक हजार लड़कों में मात्र आठ सौ लड़कियां हैं। विधर्मियों द्वारा हिंदू समाज की एक लड़की छीनने पर एक पीढ़ी छिन जाती है। दुर्गावाहिनी इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। इस मौके पर विहिप के जिलाध्यक्ष कृष्णा कांडपाल, मंगल सिंह बिष्ट, अजय बोरा आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि देश में दुर्गा वाहिनी की पचास हजार प्रशिक्षित कार्यकर्ता हिंदू समाज में सेवा, सुरक्षा और संस्कारवाहन बनाने के लिए कार्य कर रही हैं। शिविर के माध्यम से हिंदू समाज की युवतियों को शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है।
विज्ञापन
हिंदू समाज की युवतियों को स्वाभिमानी बनाना संगठन का लक्ष्य है। शिविर में युवतियों को कराटे, दंड संचालन, सूर्य नमस्कार, योगासन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ताकि युवतियां स्वयं की रक्षा कर सकें और उनमें अच्छे संस्कार विकसित हों। उन्होंने कहा कि देश में लड़कियों का अनुपात काफी कम है। एक हजार लड़कों में मात्र आठ सौ लड़कियां हैं। विधर्मियों द्वारा हिंदू समाज की एक लड़की छीनने पर एक पीढ़ी छिन जाती है। दुर्गावाहिनी इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। इस मौके पर विहिप के जिलाध्यक्ष कृष्णा कांडपाल, मंगल सिंह बिष्ट, अजय बोरा आदि मौजूद थे।
विज्ञापन