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हिंदी के पेपर में पूछे गए सवाल को बोर्ड ने संज्ञान में लिया
ब्यूरा/अमर उजाला, अल्मोड़ा
Updated Fri, 18 Mar 2016 12:16 AM IST
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अल्मोड़ा। मंगलवार को हाईस्कूल हिंदी के प्रश्नपत्र में मेरा भारत महान है...का निषेधात्मक वाक्य बनाने संबंधी प्रश्न पूछे जाने के मामले को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड ने संज्ञान में लिया है। बोर्ड के सचिव एसडी शर्मा ने बताया कि इस बारे में पेपर तैयार करने वाले शिक्षक का पक्ष जानने के बाद परीक्षा समिति आगे निर्णय लेगी। साथ ही निर्देश जारी करके शिक्षकों से आगे इस तरह के प्रश्नों से बचने को कहा जाएगा।
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मालूम हो कि मंगलवार को हाईस्कूल हिंदी के पेपर में पांचवे नंबर के प्रश्न में मेरा भारत महान है...का निषेधात्मक वाक्य बनाने को कहा गया था। छात्र-छात्राओं को मजबूरी में इस प्रश्न का उत्तर मेरा भारत महान नहीं है, लिखना पड़ा। इस प्रश्न को लेकर छात्र-छात्राओं में काफी प्रतिक्रिया हुई है।
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इधर उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड के सचिव डीके शर्मा ने कहा इस बारे में संबंधित पेपर सेटर का पक्ष लिया जाएगा। इसके बाद परीक्षा समिति आगे की कार्रवाई के लिए फैसला करेगी। बोर्ड के सचिव ने कहा कि आगे के लिए राष्ट्र से संबंधित इस तरह के प्रश्नों से बचने के निर्देश दिए जाएंगे जिससे छात्र-छात्राओं और नागरिकों की भावनाएं आहत हों।
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शिक्षाविदों का मानना है कि प्रश्नपत्र तैयार करने वाले शिक्षकों को इस तरह के प्रश्नों से बचना चाहिए। कुमाऊं विवि एसएसजे परिसर में हिंदी के प्रोफेसर और वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. देव सिंह पोखरिया ने कहा कि इस तरह के प्रश्न के बजाय कोई अन्य उदाहरण देकर सवाल किया जा सकता था। इस तरह के प्रश्नों से लोगों की भावनाएं आहत होना स्वाभाविक हैं।
परिसर में अंग्रेजी के विभागाध्यक्ष प्रो. एसए हामिद का कहना है कि अगर छात्र-छात्राओं को किसी प्रश्न का उत्तर मेरा भारत महान नहीं है, लिखना पड़ा तो बच्चे भविष्य में राष्ट्र प्रेम को गंभीरता से नहीं लेंगे। बच्चों पर इसका बहुत खराब असर पड़ेगा। ऐसे प्रश्न कदापि नहीं पूछे जाने चाहिए।