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आग से बचाव को मोहल्लों में नहीं है हाईड्रेंट लाइन
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Thu, 08 Oct 2015 10:46 PM IST
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चंद शासनकाल में बसे अल्मोड़ा नगर में नियोजित बसासत नहीं है। नगर के अधिकांश मोहल्ले मोटर मार्गों से नहीं जुड़े हैं। घने बसे हुए मोहल्लों और संकरी गलियों में यदि आग लग जाए तो फायर वाहन भी मौके पर नहीं पहुंच पाते हैं। जबकि इन मोहल्लों में कहीं भी फायर हाईड्रेंट लाइनें नहीं बिछी हैं। ऐसे में यदि आग की घटना हो जाए तो उस पर काबू पाना मुश्किल हो जाता है।
अल्मोड़ा नगर काफी घना बसा हुआ है। मुख्य बाजार में पटाल बिछे हैं और वाहन नहीं चलते हैं। इसके अलावा माल रोड भी काफी संकरी है। मालरोड में ही बस स्टेशन, कई सरकारी कार्यालय, स्कूल कालेज आदि संस्थान हैं। यह सड़क काफी व्यस्त है। इसके अलावा धारानौला और लोअर मालरोड क्षेत्र में भी दर्जनों मोहल्ले हैं। इन मोहल्लों में वाहन नहीं जा सकते हैं। यहां पहुंचने के लिए पैदल रास्ते और संकरी गलियां हैं। पटाल बाजार और मालरोड में ही फायर हाईड्रेंट लगे हैं। इसके अलावा अन्य स्थानों पर फायर हाईड्रेंट लाइन नहीं हैं। नगर के अधिकांश मोहल्ले भी काफी घने बसे हैं। पैदल गलियां भी काफी संकरी हैं। पटाल बाजार में ही बड़ी मशक्कत के बाद ही अग्निशमन वाहन पहुंच पाता है। ऐसी स्थिति में अगर किसी तंग मोहल्ले में कभी आग लग जाए तो भारी नुकसान की आशंका बनी रहती है। इसे देखते हुए मोहल्लों में भी हाईड्रेंट लाइन डालने की योजना बनाई जानी जरूरी हो गई है।
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