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Almora News: करोड़ों का बना दिया भवन अधर में लटका उच्चीकरण
Thu, 16 Jan 2025 12:10 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Thu, 16 Jan 2025 12:10 AM IST
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। यहां तहसील मुख्यालय के करीब ताड़ीखेत स्थित पीएचसी के उच्चीकरण के सपने दिखाए गए और करोड़ों की लागत से अस्पताल भवन भी खड़ा कर दिया। छह साल बीतने के बावजूद इस पीएचसी का उच्चीकरण अधर में ही लटका रह गया। इससे करीब 45 हजार की आबादी जुड़ी है।
कुछ साल पहले ताड़ीखेत ब्लॉक मुख्यालय में स्थित पीएचसी के उच्चीकरण की योजना बनी और वर्ष 2018 में करोड़ों रुपये खर्च कर अस्पताल भवन भी खड़ा कर दिया गया। छह साल बाद भी पीएचसी ही संचालित हो रहा है। न तो यह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बन सका और न ही यहां स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो सका। ऐसे में क्षेत्र की 40 हजार की आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवा नहीं मिल पा रही है। मरीजों को 40—50 किमी दूर चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इस पीएचसी से क्षेत्र के सोनी, देवलीखेत, चमरखान, बिल्लेख, पपनै कोठार, चौकुनी, बिष्ट कोटली, सिमोली, पंतकोटुली समेत विकासखंड के 268 गांवों की 45000 से अधिक की आबादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए निर्भर है। उच्चीकरण नहीं होने से गर्भवतियों को प्रसव के लिए रानीखेत या जिला मुख्यालय ले जाना पड़ता है।
अगर स्वास्थ्य केंद्र का उच्चीकरण होता तो यहां बाल रोग, अस्थि रोग, दंत रोग समेत अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती होती। केंद्र पर एक्सरे, अल्ट्रासाउंड समेत अन्य जरूरी सुविधाओं का विस्तार होता, और नजदीक में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल पाती।
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क्या बोले लोग
स्वास्थ्य केंद्र का उच्चीकरण न होने से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रहीं। गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड के लिए भी रानीखेत जाना पड़ रहा है।
-दिनेश चंद्र, चौकुनी
ताड़ीखेत पीएचसी में उचित उपचार की सुविधा नहीं होने से मरीजों को अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। उच्चीकरण शीघ्र किया जाना चाहिए।
- नीरज खम्पा, ग्रामीण
स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में लोग पलायन कर रहे हैं। कई बार मामूली उपचार के लिए भी हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होना चाहिए।
— ईश्वर प्रकाश
2018 में सीएचसी का वर्चुअल उद्घाटन भी हुआ लेकिन संचालन आज तक शुरू नहीं हुआ है। मामला कई बार उठाया है लेकिन सार्थक पहल नहीं हो रही।
— अमित पांडे, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य मल्ला विश्वा
सीएचसी भवन निर्मित है, लेकिन उच्चीकरण शासन स्तर से ही संभव है। उच्चीकरण के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों समेत अन्य सुविधाएं मिलेंगी। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के प्रयास किया जा रहा है।
- डॉ. आरसी पंत, मुख्य चिकित्साधिकारी, अल्मोड़ा
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कुछ साल पहले ताड़ीखेत ब्लॉक मुख्यालय में स्थित पीएचसी के उच्चीकरण की योजना बनी और वर्ष 2018 में करोड़ों रुपये खर्च कर अस्पताल भवन भी खड़ा कर दिया गया। छह साल बाद भी पीएचसी ही संचालित हो रहा है। न तो यह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बन सका और न ही यहां स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो सका। ऐसे में क्षेत्र की 40 हजार की आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवा नहीं मिल पा रही है। मरीजों को 40—50 किमी दूर चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इस पीएचसी से क्षेत्र के सोनी, देवलीखेत, चमरखान, बिल्लेख, पपनै कोठार, चौकुनी, बिष्ट कोटली, सिमोली, पंतकोटुली समेत विकासखंड के 268 गांवों की 45000 से अधिक की आबादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए निर्भर है। उच्चीकरण नहीं होने से गर्भवतियों को प्रसव के लिए रानीखेत या जिला मुख्यालय ले जाना पड़ता है।
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अगर स्वास्थ्य केंद्र का उच्चीकरण होता तो यहां बाल रोग, अस्थि रोग, दंत रोग समेत अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती होती। केंद्र पर एक्सरे, अल्ट्रासाउंड समेत अन्य जरूरी सुविधाओं का विस्तार होता, और नजदीक में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल पाती।
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क्या बोले लोग
स्वास्थ्य केंद्र का उच्चीकरण न होने से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रहीं। गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड के लिए भी रानीखेत जाना पड़ रहा है।
-दिनेश चंद्र, चौकुनी
ताड़ीखेत पीएचसी में उचित उपचार की सुविधा नहीं होने से मरीजों को अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। उच्चीकरण शीघ्र किया जाना चाहिए।
- नीरज खम्पा, ग्रामीण
स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में लोग पलायन कर रहे हैं। कई बार मामूली उपचार के लिए भी हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होना चाहिए।
— ईश्वर प्रकाश
2018 में सीएचसी का वर्चुअल उद्घाटन भी हुआ लेकिन संचालन आज तक शुरू नहीं हुआ है। मामला कई बार उठाया है लेकिन सार्थक पहल नहीं हो रही।
— अमित पांडे, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य मल्ला विश्वा
सीएचसी भवन निर्मित है, लेकिन उच्चीकरण शासन स्तर से ही संभव है। उच्चीकरण के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों समेत अन्य सुविधाएं मिलेंगी। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के प्रयास किया जा रहा है।
- डॉ. आरसी पंत, मुख्य चिकित्साधिकारी, अल्मोड़ा