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मंजूरी नहीं मिलने से मिनी जू का मामला लटका
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Tue, 21 Mar 2017 10:20 PM IST
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पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए नगर में 38 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले मृग विहार को मिनी जू बनाने की कवायद परवान नहीं चढ़ रही है। सिविल सोयम विभाग द्वारा पिछले दो साल से लगातार प्रयास करने के बाद भी भारत सरकार से अभी तक मिनी जू के लिए मंजूरी नहीं मिल सकी है। सेंट्रल जू अथारिटी से मिनी जू के लिए भेजे गए प्रस्ताव में कई औपचारिकताएं पूरी नहीं होने की बात कही जा रही है।
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नगर के एनटीडी क्षेत्र में बना मृग विहार लंबे समय से मिनी जू की राह देख रहा है, लेकिन प्रस्तावित मिनी जू के लिए भारत सरकार से मंजूरी नहीं मिल पा रही है। सिविल सोयम विभाग ने 29 सितंबर 2016 को सेंट्रल जू अथारिटी को मिनी जू की मान्यता के लिए आवेदन किया था। जिसमें करीब 540.60 करोड़ का लागत का प्रस्ताव शामिल था। उसके बाद सेंट्रल जू अथारिटी की टीम ने मृग विहार में बनने वाले मिनी जू का निरीक्षण भी किया था। उसके बाद विभाग ने दिसंबर में दस हजार रुपये फीस भी जमा कर दी थी, लेकिन अथारिटी ने अभी तक मिनी जू की मान्यता नहीं दी है। 38 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले मृग विहार में मिनी जू बनाने के लिए काफी कोशिश करने के बाद पर्यटक और नगरवासियों को अभी और लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
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इधर डीएफओ, सिविल सोयम आरसी शर्मा का कहना है कि दो साल से अधिक समय हो गया है विभाग लगातार मिनी जू के लिए प्रयास कर रहा है। सेंट्रल जू अथारिटी इस मामले में कई औपचारिकताएं पूरी करने की बात कर रहा है। डीएफओ ने बताया कि सेंट्रल जू अथारिटी को एक बार फिर प्रस्ताव बना कर भेजा गया है।
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