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घुघुतिया पर्व धूमधाम से मनाया
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा
Updated Sat, 14 Jan 2017 11:59 PM IST
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चौकुना गांव में घुघते बनाते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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कुमाऊं का प्रसिद्ध उत्तरायणी (मकर संक्रांति) पर्व धूमधाम से मनाया गया। उत्तरायणी पर्व को घुघुतिया त्योहार के रूप में भी जाना जाता है। इस मौके पर जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण अंचलों में घर-घर में घुघते बनाए गए। रविवार की सुबह बच्चे काले कौआ काले घुघते की माला खा ले... का उद्घोष करते हुए कौओं को आमंत्रित करके घुघुते खिलाएंगे।
घुघुते बनाकर इन्हें धूप में सुखाया जाता है। मान्यता है कि धूप में सुखाए घुघुतों को पकाने में तेल कम खर्च होता है। इस मौके पर विशेष आकृति वाले घुघुते के अलावा बच्चों के लिए आटे से तलवार, डमरू आदि आकृति वाले पकवान बनाए जाते हैं।
घुघते बनाते समय सबसे पहले कौओं के लिए अलग से पकवान रखे जाते हैं। इसके अलावा स्थानीय परंपरा के अनुसार घरों में अन्य पकवान भी बनाए जाते हैं। उल्लेखनीय है कि सरयू नदी के पार रहने वाले लोग पौष के अंतिम दिन पकवान बनाते हैं, जबकि नदी के इस पार रहने वाले लोग माघ मास के पहले दिन मकर संक्रांति को को ही घुघुतिया मनाते हैं।
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घुघुते बनाकर इन्हें धूप में सुखाया जाता है। मान्यता है कि धूप में सुखाए घुघुतों को पकाने में तेल कम खर्च होता है। इस मौके पर विशेष आकृति वाले घुघुते के अलावा बच्चों के लिए आटे से तलवार, डमरू आदि आकृति वाले पकवान बनाए जाते हैं।
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घुघते बनाते समय सबसे पहले कौओं के लिए अलग से पकवान रखे जाते हैं। इसके अलावा स्थानीय परंपरा के अनुसार घरों में अन्य पकवान भी बनाए जाते हैं। उल्लेखनीय है कि सरयू नदी के पार रहने वाले लोग पौष के अंतिम दिन पकवान बनाते हैं, जबकि नदी के इस पार रहने वाले लोग माघ मास के पहले दिन मकर संक्रांति को को ही घुघुतिया मनाते हैं।
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