फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Gopal Babu's song can never be forgotten

कभी नहीं भुलाए जा सकते गोपाल बाबू के गीत

Wed, 01 Feb 2017 11:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा Updated Wed, 01 Feb 2017 11:33 PM IST
विज्ञापन
 उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक गायक गोपाल बाबू गोस्वामी भले ही आज हमारे बीच नही हैं, लेकिन उनके गीत हमें आज भी उनकी उपस्थिति का अहसास कराते हैं। जीवन के हर पहलु को छूते उनके गीतों की सूची लंबी है। हर किसी को रुला देने वाला दुल्हन की विदाई के वक्त उनके मार्मिक गीत ‘न रो चेली न रो मेरी लाल, जा चेली जा सरास’ और ‘उठ मेरी लाड़ू लुकुड़ा पैरीले, रेशमी घाघरी आंगड़ी लगै ले’ की आज भी जबरदस्त मांग।
विज्ञापन



उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक गायक स्व. गोपाल गिरि गोस्वामी को लोग गोपाल बाबू के नाम से जानते हैं। उनका जन्म चौखुटिया बाजार से लगे ग्राम पंचायत चांदीखेत में दो फरवरी 1942 को मोहन गिरि गोस्वामी के घर हुआ था। बचपन से ही गीतकार बनने की चाहत में उन्होंने पांचवीं कक्षा के बाद स्कूल छोड़ दिया। वह 12 साल की उम्र से ही गीत लिखने और गाने लगे थे। जीवन के 54 सालों में उन्होंने साढ़े पांच सौ गीत लिखे। 
विज्ञापन



उनका पहला गीत कैलै बजे मुरूली औ बैंणा ऊंची-ऊंची डांड्यूंमा आकाशवाणी नजीबाबाद से प्रसारित हुआ था। 1972 में भारत सरकार के गीत और नाटक प्रभाग में नियुक्ति के बाद गोस्वामी को अपना हुनर दिखाने का अच्छा मंच मिल गया। यहीं से उनके गीतों की संख्या और लोकप्रियता बढ़ती चली गई। सेवा के दौरान ही बीमारी के चलते 26 नवंबर 1996 को काल के क्रू्र हाथों ने एक महान गीतकार को हमसे छीन लिया। भले ही अब वह इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन लोक संस्कृति, प्रकृति, नारी सौंदर्य और रीति-रिवाज ही नहीं बल्कि जीवन के हर क्षेत्र को छूने वाले उनके गीत हमें हमेशा उत्प्रेरित करते रहेंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed