फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   girls are not secured in home

घर में भी मजफूज नहीं बेटियों की आबरू

Thu, 19 Nov 2015 10:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा। Updated Thu, 19 Nov 2015 10:04 PM IST
विज्ञापन

विज्ञापन
 अल्मोड़ा जिले में 2015 में जनवरी से लेकर अब तक बलात्कार के छह मामले दर्ज हुए हैं। सभी मामलों में नाबालिग बालिकाएं दुष्कर्म की शिकार हुई हैं। चिंता की बात यह है कि छह में से पांच मामलों में बालिकाओं को उनके पिता ने ही हवस का शिकार बनाया। इनमें चार मामलों में बालिकाओं की मां और भाई नहीं थे। इनमें पीड़ित बालिकाओं की मां का निधन हो गया था। इस कारण आरोपी बाप लंबे समय तक बेटियों के साथ दुष्कर्म करते रहे। बाद में उन्होंने किसी तरह अपने रिश्तेदारों को घटना के बारे में बताया। तब आरोपी गिरफ्त में आए।

इनमें से एक मामले में तो पत्नी का निधन होने के बाद आरोपी चार साल तक अपनी बेटी के साथ दुष्कर्म करता रहा। जब बेटी बड़ी हुई तब उसने किसी तरह अपने रिश्तेदारों को वाकया बताया। उसके बाद पुलिस ने आरोपी को सलाखों के भीतर भेजा। एक मामले में मां के जीवित होते हुए नशेड़ी पिता ने 11 साल की बेटी को हवस का शिकार बनाया। आरोपी ने मारपीट कर पत्नी और दो बड़ी बेटियों को घर से भगा दिया और छोटी 11 साल की बेटी को घर में बंद कर दिया। फिर रात में उसके साथ दुष्कर्म किया। पत्नी ने पति के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
विज्ञापन

=:============:=
जुल्म न सहें, तुरंत बताएं : एसपी
पुलिस अधीक्षक करन सिंह नगन्याल ने बताया कि पांचों मामलों में आरोपी जेल में हैं। ये मामले अदालत में विचाराधीन हैं। एसपी का मानना है कि इस तरह के अपराधों के घटित होने में नशा एक बड़ा कारण बनता है। इन पांचों मामलों में आरोपी ने नशे की हालत में अपनी ही बेटी से दुष्कर्म किया। एक बार घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी जब भी मौका मिलता अपराध दोहराते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


जब भी किसी बालिका के साथ किसी परिजन अथवा अन्य व्यक्ति द्वारा डरा धमकाकर दुष्कर्म किया जाता है तो पीड़िता को ऐसे मामलों को छिपाना नहीं चाहिए। अपने रिश्तेदार या स्कूल के टीचर के माध्यम से ऐसे मामलों की सूचना तत्काल पुलिस तक पहुंचानी चाहिए। पुलिस ऐसे मामलों में शिकायतकर्ता का नाम भी उजागर नहीं करती। इसके लिए महिला हेल्पलाइन 1090 भी है। इसमें पुलिस पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed