अंधड़ से जीआईसी की छत उड़ी, दो शिक्षक और आधा दर्जन छात्र घायल
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शनिवार की सुबह हुई बारिश और अंधड़ से कई स्कूलों की छतें उड़ गईं। जिससे स्कूल भवनों को भारी नुकसान पहुंचा है। बिजली की लाइनों को भी भारी क्षति पहुंची है। अंधड़ में जीआईसी द्यौनाथल के नव निर्मित भवन की छत की टीनें उड़ गईं। इससे दो शिक्षक और आधा दर्जन छात्र-छात्राएं घायल हो गए। जिससे स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। संयोग से बड़ा हादसा नहीं हुआ। सूचना मिलने पर कई अभिभावक स्कूल में पहुंच गए और अपने बच्चों को घरों को ले गए। घटना की सूचना मिलने पर सीईओ एके सिंह, बीईओ बाबू लाल गुप्ता, तहसीलदार, दन्यां और लमगड़ा की पुलिस, राजस्व पुलिस मौके पर पहुंच गई। इधर तेज अंधड़ में ज्ञानोदय जूनियर हाईस्कूल की छत उड़ गई और दो कमरों की दीवारें ध्वस्त हो गई।
शनिवार सुबह करीब 8.25 बजे तेज अंधड़ से धौलादेवी ब्लॉक के अंतर्गत नव निर्मित जीआईसी द्यौनाथल के दोमंजिले भवन की छत की टीनें उड़ गईं। इससे स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहे नागरिक शास्त्र के प्रवक्ता कमलेश सिंह और हिंदी के सहायक अध्यापक शशि जोशी घायल हो गए। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को छुट्टी दे दी गई। इसके अलावा आधा दर्जन विद्यार्थी भी घायल हुए हैं। सूचना मिलने पर अभिभावक भी स्कूल में पहुंच गए और अपने बच्चों को घरों को ले गए। बताया गया है कि इन बच्चों को भी हल्की चोटें आई हैं। बताया जाता है कि 56.95 लाख रुपये की लागत से जीआईसी द्यनौथल का दोमंजिला भवन बनाया गया था। तीन दिसंबर 2014 को यह भवन शिक्षा विभाग के सुपुर्द हुआ था। भवन का निर्माण उत्तर प्रदेश निर्माण निगम ने कराया था। क्षेत्रीय लोगों ने आरोप लगाया कि भवन निर्माण में गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया है। आज की घटना के बाद भवन की गुणवत्ता पर कई सवाल उठ गए हैं।
इधर लमगड़ा विकासखंड अंतर्गत राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ध्यूली रौतेला में हाल में ही बनाए गए टिनशेड की छत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। संयोग से एक बड़ा हादसा होने से टल गया। एमएससी अध्यक्ष देवेंद्र अधिकारी ने बताया कि पूर्व में भी स्कूल का भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुआ था।
दूसरी तरफ नगर में पपरसली मार्ग में पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति चार घंटे ठप रही। हवालबाग, लमगड़ा, बामनीगाड़, पंत गांव, शीतलाखेत, लोद घाटी, दौलाघट, कौसानी, लमगड़ा, जैंती और डोल क्षेत्र और सोमेश्वर में भी कई गांवों में बिजली की लाइनों में पेड़ गिरने और बिजली के पोल टूटने से बिजली आपूर्ति काफी देर तक ठप रही। पेटशाल में 33 केवी की बड़ी बिजली लाइन में चीड़ का पेड़ गिरने से कई गांवों में बिजली गुल रही। अधिशासी अभियंता डीएस पांगती ने बताया कि अब तक विभिन्न क्षेत्रों में बिजली की लाइनों में दर्जनों पेड़ गिरने की सूचना है जबकि 15 से 20 बिजली के पोलों को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त लाइनों को सुधारने के साथ ही नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है। उधर सोमेश्वर तहसील क्षेत्र में भी काफी नुकसान हुआ है।
आंधी से ज्ञानोदय जूनियर हाईस्कूल की छत उड़ गई और दो कमरों की दीवारें ध्वस्त हो गईं। संयोग से उस समय इस कमरे में कोई भी छात्र-छात्राएं नहीं थे। विद्यालय प्रबंधन ने खराब मौसम को देखते हुए पहले ही छात्र-छात्राओं को स्कूल के दूसरे कमरों में शिफ्ट कर दिया था। बूंगा गांव में पूरन सिंह भाकुनी के घर की छत, अर्जुनराठ निवासी त्रिभुवन बोरा की रसोई घर की छत भी उड़ गई। मल्लाखोली निवासी पुष्कर सिंह बोरा के दुकान का छज्जा भी ध्वस्त हो गया है। अर्जुनराठ निवासी हरीश बोरा और खीम सिंह बोरा के घरों की मम्टी ध्वस्त हो गई।