{"_id":"645a849b5288bc38720b5634","slug":"gic-devayal-youngsters-forced-to-risk-their-lives-almora-news-c-8-1-135346-2023-05-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: जीआईसी देवायलः जान जोखिम में डाल पढ़ने को मजबूर नौनिहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: जीआईसी देवायलः जान जोखिम में डाल पढ़ने को मजबूर नौनिहाल
Tue, 09 May 2023 11:06 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 09 May 2023 11:06 PM IST
विज्ञापन
जीआईसी देवायल सल्ट के भवन की जीर्ण क्षीर्ण छत। । संवाद
अल्मोड़ा। सल्ट के जीआईसी देवायल में विद्यार्थी जर्जर छत के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। तेज आंधी तूफान में छत के ध्वस्त होने का खतरा बना है। भवन ध्वस्तीकरण का प्रस्ताव कब पास होगा इसका कोई पता नहीं है।
सरकारी स्कूलों में सुविधाओं और व्यवस्थाओं के विस्तार के सभी दावे फेल साबित हो रहे हैं। जीआईसी देवालय के भवन की छत जर्जर है तो दीवारों पर पड़ी दरारें खतरे की तरफ इशारा कर रही हैं। हालात यह हैं कि शिक्षा विभाग को स्कूल भवन के ध्वस्तीकरण का प्रस्ताव तैयार करना पड़ा है। इसे कब स्वीकृति मिलेगी यह कोई नहीं जानता। ऐसे में 221 विद्यार्थी किसी तरह जान जोखिम में डालकर सुनहरे भविष्य के सपने बुन रहे हैं।
बैठने के लिए नहीं है पर्याप्त फर्नीचर
अल्मोड़ा। जीआईसी देवालय में फर्नीचर की भी कमी बनी है। आलम यह है कि विद्यार्थी मरम्मत किए गए फर्नीचर से ही काम चला रहे हैं। उन्हें परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। अभिभावकों ने विद्यालय को नया फर्नीचर उपलब्ध कराने की मांग की है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- --
भौतिक विज्ञान, संस्कृत पढ़ाने वाला कोई नहीं
अल्मोड़ा। जीआईसी देवायल सल्ट में राजनीतिक विज्ञान और संस्कृत पढ़ाने वाला कोई नहीं हैं। राजनीतिक विज्ञान के प्रवक्ता, एलटी संवर्ग में संस्कृत के सहायक अध्यापक का पद रिक्त है। इन पदों पर अतिथि शिक्षकों की भी तैनाती नहीं हुई है।
कोट
विद्यालय भवन के ध्वस्तीकरण का प्रस्ताव विभाग को भेजा गया है। खाली पदों के सापेक्ष अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति करने के लिए भी पत्राचार किया गया है।
हरेंद्र साह, खंड शिक्षाधिकारी, सल्ट।
विज्ञापन
सरकारी स्कूलों में सुविधाओं और व्यवस्थाओं के विस्तार के सभी दावे फेल साबित हो रहे हैं। जीआईसी देवालय के भवन की छत जर्जर है तो दीवारों पर पड़ी दरारें खतरे की तरफ इशारा कर रही हैं। हालात यह हैं कि शिक्षा विभाग को स्कूल भवन के ध्वस्तीकरण का प्रस्ताव तैयार करना पड़ा है। इसे कब स्वीकृति मिलेगी यह कोई नहीं जानता। ऐसे में 221 विद्यार्थी किसी तरह जान जोखिम में डालकर सुनहरे भविष्य के सपने बुन रहे हैं।
विज्ञापन
बैठने के लिए नहीं है पर्याप्त फर्नीचर
अल्मोड़ा। जीआईसी देवालय में फर्नीचर की भी कमी बनी है। आलम यह है कि विद्यार्थी मरम्मत किए गए फर्नीचर से ही काम चला रहे हैं। उन्हें परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। अभिभावकों ने विद्यालय को नया फर्नीचर उपलब्ध कराने की मांग की है।
विज्ञापन
भौतिक विज्ञान, संस्कृत पढ़ाने वाला कोई नहीं
अल्मोड़ा। जीआईसी देवायल सल्ट में राजनीतिक विज्ञान और संस्कृत पढ़ाने वाला कोई नहीं हैं। राजनीतिक विज्ञान के प्रवक्ता, एलटी संवर्ग में संस्कृत के सहायक अध्यापक का पद रिक्त है। इन पदों पर अतिथि शिक्षकों की भी तैनाती नहीं हुई है।
कोट
विद्यालय भवन के ध्वस्तीकरण का प्रस्ताव विभाग को भेजा गया है। खाली पदों के सापेक्ष अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति करने के लिए भी पत्राचार किया गया है।
हरेंद्र साह, खंड शिक्षाधिकारी, सल्ट।