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कैलाश भूक्षेत्र संस्कृति, परंपरागत ज्ञान का भंडार : प्रो. पाठक

Sun, 11 Dec 2016 10:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा। Updated Sun, 11 Dec 2016 10:26 PM IST
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GB Pant Institute of International Mountain Day Lecture in Katarmal
जीबी पंत संस्थान कटारमल में अंतर्राष्ट्रीय पर्वत दिवस पर हुए व्याख्यान में मंचासीन संस्थान के निदेशक पीपी ध्यानी, पद्मश्री प्रो. शेखर पाठक आदि। - फोटो : अमर उजाला

अल्मोड़ा। जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण, सतत विकास संस्थान कोसी कटारमल और सतत विकास मंच उत्तरांचल की ओर से रविवार को यहां अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस मनाया गया। इस मौके पर ‘पर्वतीय संस्कृति में विविधता एवं पहचान सुदृढ़ीकरण’  पर पूर्व मुख्य सचिव डॉ. आरएस टोलिया स्मृति व्याख्यान देते हुए पद्मश्री प्रो. शेखर पाठक ने कहा कि कैलाश भूक्षेत्र अपनी संस्कृति, रीति रिवाज, जैव विविधता, पारंपरिक परिधान और परंपरागत ज्ञान के लिए जाना जाता है। इस दौरान कैलाश मानसरोवर की विहंगम यात्रा के परिदृश्य की अद्भुत प्रस्तुति सराही गई।

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प्रो. पाठक ने हिमालय क्षेत्र की पर्वत श्रृंखलाओं और नदियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने डॉ. टोलिया के पर्वतीय विकास संबंधी सोच को कार्यरूप में परिणित करने के लिए संस्थान से मुख्य भूमिका निवर्हन करने को कहा। संस्थान के निदेशक डॉ. पीपी ध्यानी ने डॉ. टोलिया के उत्तराखंड के विकास के लिए किए गए कार्यों को सराहा। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस पर संस्थान हर साल डॉ. टोलिया स्मृति व्याख्यान का आयोजन करेगा। उन्होंने हिमालय क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उचित पहचान दिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि हिमालय का संरक्षण विश्व सतत विकास मुख्य मुद्दा होना चाहिए।
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संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. आरसी सुंदरियाल ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। हिमालय सतत विकास मंच उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ. डोभाल ने डॉ. टोलिया के हिमालय विकास के प्रति रुचि को देखते हुए डॉ. टोलिया स्मृति व्याख्यान को अच्छी पहल बताया। विभिन्न संस्थानों से आए विशेषज्ञों ने जैव संसाधनों के बारे में बताया। रमेश पहाड़ी, कृषि विशेषज्ञ महेंद्र कुंवर, थ्रीश कुंवर, इंडियन माउंटेन इनिसिएटिव आईएमआई के प्रतिनिधि डॉ. एस रमोला ने विचार रखे। डॉ. डीएस रावत ने सभी का आभार जताया। आयोजन में विभिन्न संस्थानों के वैज्ञानिक और  शोध छात्र शरीक हुए।
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