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जीबी पंतहिमालय पर्यावरण एवं विकास संस्थान में हुई बैठक
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Mon, 15 Feb 2016 01:14 PM IST
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गोविंद बल्लभ पंत हिमालय पर्यावरण एवं विकास संस्थान के निदेशक डॉ. पीपी ध्यानी ने कहा कैलाश भूभाग संरक्षण और विकास के लिए टीम भावना से काम करना होगा ताकि यहां के निवासियों की आजीविका में भी बढ़ोतरी हो सके। डॉ. ध्यानी संस्थान में कैलाश पवित्र भू भाग संरक्षण और विकास परियोजना की अनुश्रवण बैैठक को संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने कहा यह परियोजना भारत-नेपाल और चीन के मध्य पड़ने वाले कैलाश भूभाग में चलाई जा रही है। परियोजना के कार्यों को टीम भावना से कर सफलता प्राप्त की जा सकती है। ईसी मोड काठमांडू से आए परियोजना संयोजक डॉ. राजन कोतरू ने कहा कि एक दूसरे से सीख लेकर कार्य करना होगा ताकि परियोजना के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके।
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उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक शोधों को अपने जिले और गांव की योजनाओं में क्रियान्वयन करने की आवश्यकता है। परियोजना को वित्तीय सहयोग कर रहे जीआईजैड संस्था के डॉ. डब्लूसी मैनफ्रेड ने कहा कि अब तक परियोजना के कार्य संतोषजनक हैं।
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आशा के अनुरूप सफलता प्राप्त करने के लिए सभी को और अधिक तालमेल से काम करना होगा। परियोजना के भारतीय भूभाग के नोडल अधिकारी और पर्यावरण संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. आरएस रावल ने कहा भारतीय भूभाग में विभिन्न संस्थानों और स्थानीय संस्थाओं के सहयोग से कार्य किया जा रहा है।
बैठक में भारतीय वन्य जीव संस्थान के डॉ. बीएस अधिकारी, यूसेक देहरादून के डॉ. गजेंद्र रावत, चिया नैनीताल के डॉ. पंकज तिवारी, उत्तराखंड जैव विविधता बोर्ड के डॉ. पंकज पंत, वन विभाग के डॉ. दिनेश जोशी, हिमालय सेवा समिति के धीरेंद्र जोशी, हिमालय ग्राम विकास समिति के लक्ष्मी दत्त भट्ट आदि ने हिस्सा लिया।