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Almora News: 968 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों में ताले, 25 हजार क्विंटल राशन गोदामों में डंप
Fri, 06 Oct 2023 01:16 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Fri, 06 Oct 2023 01:16 AM IST
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अल्मोड़ा। सरकारी राशन की दुकानों में ताले लटकने से जिले के पांच लाख से अधिक उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। बिलों के भुगतान की मांग पर सस्ता गल्ला विक्रेता राशन वितरण बंद कर हड़ताल पर हैं। ऐसे में जिले भर में 968 सस्ते गल्ले की दुकानों बंद हैं और राशन उठान नहीं होने से गोदामों में 25306 क्विंटल डंप है। उपभोक्ताओं को राशन नहीं मिल रहा है और वे सस्ते गल्ले की दुकानों में पहुंचने के बाद मायूस होकर घर लौटने के लिए मजबूर हैं।
अल्मोड़ा जिले में 978 सस्ते गल्ले की दुकानों का संचालन होता है। इनसे पांच लाख से अधिक उपभोक्ताओं को सरकारी राशन मिलता है। इसी बीच तीन दिन पूर्व लंबित बिलों का भुगतान न होने से नाराज सभी सस्ता गल्ला विक्रेता हड़ताल पर चले गए। इससे दुकानों में ताले लटके हैं। नया महीना शुरू होने के बाद उपभोक्ता राशन लेने के लिए सस्ता गल्ला की दुकानों में तो पहुंच रहे हैं लेकिन यहां उन्हें राशन नहीं मिल रहा है। ऐसे में उपभोक्ताओं की दिक्कत बढ़ गई है। सस्ता गल्ला विक्रेताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल कब खत्म होगी और उन्हें कब राशन मिलेगा, उपभोक्ता इस बात को लेकर परेशान हैं। जिले में इन सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से हर माह 17386 क्विंटल चावल और 7920 क्विंटल गेहूं उपभोक्ताओं को बांटा जाता है। विक्रेताओं के राशन उठान न करने से जिले भर के गोदामों में 25306 क्विंटल राशन डंप हो गया है। इसे संभालना और उपभोक्ताओं तक पहुंचाना पूर्ति विभाग के लिए भी किसी चुनौती से कम नहीं है।
बिलों का भुगतान होने तक नहीं खुलेंगे ताले
अल्मोड़ा। पर्वतीय सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता कल्याण समिति ने बृहस्पतिवार को नंदा देवी परिसर में बैठक कर अब राशन गोदामों में धरना देने का निर्णय लिया है। समिति के जिलाध्यक्ष संजय साह ने कहा कि जब तक सरकार विक्रेताओं के सभी लंबित बिलों का भुगतान और मानदेय स्वीकृति के लिए समिति का गठन नहीं करती, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। मांग पूरी होने के बाद ही वे अपनी दुकानों के ताले खोलेंगे। नाराज विक्रेताओं ने 10 अक्तूबर को सभी राशन गोदामों में धरना देने का निर्णय लिया। इस दौरान सुरेश सांगा को समिति का कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया। बैठक में केसर खनी, नारायण सिंह, प्रमोद पांडे, पान सिंह सांगा, सुरेश चंद्र भटट्, प्रकाश भटट्, किशन राम आदि मौजूद रहे।
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बोले उपभोक्ता
राशन लेने सस्ते गल्ले की दुकान में गया लेकिन हड़ताल के चलते राशन नहीं मिल पाया। बैरंग लौटना पड़ा।
नरेंद्र सिंह, अल्मोड़ा।
यदि दुकानें नहीं खुलीं तो राशन नहीं मिलेगा। दुकान पहुंचने पर यहां ताले लटके रहे। राशन नहीं मिला तो दिक्कत होगी।
ललित सिंह, अल्मोड़ा।
राशन की उम्मीद में सस्ते गल्ले की दुकान पहुंचे लेकिन यहां ताले लटके रहे। जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सभी को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
राकेश भंडारी, ढुंगाधारा।
महंगाई के इस दौर में सरकारी राशन राहत पहुंचा रहा है। यदि यही मिलना बंद होगा तो दिक्कतें बढ़ेंगी।
प्रमोद बिष्ट, कोसी।
सस्ता गल्ला विक्रेताओं से वार्ता होगी। उनकी समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। उपभोक्ताओं को भी राहत पहुंचाने के प्रयास होंगे। पीतांबर प्रसाद, जिला पूर्ति अधिकारी, अल्मोड़ा।
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अल्मोड़ा जिले में 978 सस्ते गल्ले की दुकानों का संचालन होता है। इनसे पांच लाख से अधिक उपभोक्ताओं को सरकारी राशन मिलता है। इसी बीच तीन दिन पूर्व लंबित बिलों का भुगतान न होने से नाराज सभी सस्ता गल्ला विक्रेता हड़ताल पर चले गए। इससे दुकानों में ताले लटके हैं। नया महीना शुरू होने के बाद उपभोक्ता राशन लेने के लिए सस्ता गल्ला की दुकानों में तो पहुंच रहे हैं लेकिन यहां उन्हें राशन नहीं मिल रहा है। ऐसे में उपभोक्ताओं की दिक्कत बढ़ गई है। सस्ता गल्ला विक्रेताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल कब खत्म होगी और उन्हें कब राशन मिलेगा, उपभोक्ता इस बात को लेकर परेशान हैं। जिले में इन सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से हर माह 17386 क्विंटल चावल और 7920 क्विंटल गेहूं उपभोक्ताओं को बांटा जाता है। विक्रेताओं के राशन उठान न करने से जिले भर के गोदामों में 25306 क्विंटल राशन डंप हो गया है। इसे संभालना और उपभोक्ताओं तक पहुंचाना पूर्ति विभाग के लिए भी किसी चुनौती से कम नहीं है।
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बिलों का भुगतान होने तक नहीं खुलेंगे ताले
अल्मोड़ा। पर्वतीय सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता कल्याण समिति ने बृहस्पतिवार को नंदा देवी परिसर में बैठक कर अब राशन गोदामों में धरना देने का निर्णय लिया है। समिति के जिलाध्यक्ष संजय साह ने कहा कि जब तक सरकार विक्रेताओं के सभी लंबित बिलों का भुगतान और मानदेय स्वीकृति के लिए समिति का गठन नहीं करती, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। मांग पूरी होने के बाद ही वे अपनी दुकानों के ताले खोलेंगे। नाराज विक्रेताओं ने 10 अक्तूबर को सभी राशन गोदामों में धरना देने का निर्णय लिया। इस दौरान सुरेश सांगा को समिति का कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया। बैठक में केसर खनी, नारायण सिंह, प्रमोद पांडे, पान सिंह सांगा, सुरेश चंद्र भटट्, प्रकाश भटट्, किशन राम आदि मौजूद रहे।
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बोले उपभोक्ता
राशन लेने सस्ते गल्ले की दुकान में गया लेकिन हड़ताल के चलते राशन नहीं मिल पाया। बैरंग लौटना पड़ा।
नरेंद्र सिंह, अल्मोड़ा।
यदि दुकानें नहीं खुलीं तो राशन नहीं मिलेगा। दुकान पहुंचने पर यहां ताले लटके रहे। राशन नहीं मिला तो दिक्कत होगी।
ललित सिंह, अल्मोड़ा।
राशन की उम्मीद में सस्ते गल्ले की दुकान पहुंचे लेकिन यहां ताले लटके रहे। जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सभी को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
राकेश भंडारी, ढुंगाधारा।
महंगाई के इस दौर में सरकारी राशन राहत पहुंचा रहा है। यदि यही मिलना बंद होगा तो दिक्कतें बढ़ेंगी।
प्रमोद बिष्ट, कोसी।
सस्ता गल्ला विक्रेताओं से वार्ता होगी। उनकी समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। उपभोक्ताओं को भी राहत पहुंचाने के प्रयास होंगे। पीतांबर प्रसाद, जिला पूर्ति अधिकारी, अल्मोड़ा।