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अल्मोड़ा में फर्जी आईटीसी से भी कर चोरी कर सरकार को चूना लगा रहे व्यापारी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 28 Apr 2022 11:43 PM IST
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Fraud ITC cases are frequent
अल्मोड़ा। जीएसटी के दायरे में न आने वाले व्यापारियों का पंजीकरण रद्द करने के बाद अब राज्य कर विभाग के संज्ञान में कुछ ऐसे मामले भी आए हैं, जिसमें व्यापारी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के गलत इस्तेमाल से कर चोरी कर सरकार को चूना लगा रहे हैं। विभाग इस तरह से कर चोरी करने वालों की जांच में जुटा है। जल्द ही विभाग कर चोरी का बड़ा खुलासा कर सकता है।
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किसी भी तरह का कारोबार करने वाले व्यापारी को नियमानुसार सरकार को टैक्स अदा करना होता है। इसके लिए राज्य कर विभाग की ओर से व्यापारियों को जीएसटी में इनपुट टैक्स क्रेडिट की व्यवस्था भी दी गई है। इस व्यवस्था के तहत व्यापारी जब कोई सामान खरीदता तो सरकार को उसके बदले टैक्स देता है और जब व्यापारी उसी सामान को बेचता है तो ग्राहक से भी टैक्स लेता है। तब सरकार व्यापारी द्वारा दिए गए पहले टैक्स को उसे वापस कर देती है लेकिन व्यापारी इस व्यवस्था में भी टैक्स चोरी कर लेते हैं। इसके लिए या तो व्यापारी सामान खरीदते समय बिल नहीं बनाते या फिर सामान कम खरीदते हैं और बिल अधिक का बना लेते हैं। या सामान कहीं और से खरीदा होता है और बिल कहीं और का होता है। इससे वह सरकार को या तो टैक्स देने से बच जाते हैं या फिर कम टैक्स देते हैं। लेकिन सामान बेचते समय टैक्स पूरा वसूल लेते हैं। अल्मोड़ा जिले में भी कुछ इस तरह से व्यापारियों के टैक्स चोरी के मामले राज्य कर विभाग के संज्ञान में आए हैं। फिलहाल राज्य कर विभाग इसकी जांच कर रहा है।
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जीएसटी रिटर्न फाइलिंग दर 95 प्रतिशत, 100 प्रतिशत का लक्ष्य
अल्मोड़ा। जीएसटी रिटर्न फाइल की दर को बढ़ाने के लिए राज्य कर विभाग हर बार प्रयास करता है। हालांकि कई व्यापारी टैक्स चोरी करने के लिए रिटर्न फाइल करने से बचते हैं। इसके बाद भी अल्मोड़ा जिले में पांच करोड़ से अधिक के मामलों में राज्य कर विभाग रिटर्न फाइलिंग की दर 95 प्रतिशत तक पहुंचा चुका है। विभाग ने इसे 100 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। राज्य कर अधिकारी नितिन कुमार ने बताया कि इसके लिए व्यापारियों को जागरूक किया जा रहा है कि वह समय पर और ईमानदारी के साथ अपना रिटर्न फाइल कर सहयोग करें।
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बिना बिल कारोबार करने वालों की सूची मांगी
अल्मोड़ा। किसी भी तरह से कारोबारी कर चोरी न कर सके इसके लिए राज्य कर विभाग व्यापारियों से समय पर और नियमानुसार टैक्स भरने की अपील कर रहा है। इसके साथ ही विभाग आम जनता को भी जागरूक करते हुए सहयोग की अपील कर रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अगर बिना बिल के कोई कारोबारी व्यापार करता है तो ऐसे कारोबारियों की सूची राज्य कर विभाग को दी जा सकती है। विभाग ऐसे लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करेगा।
पुराने मामलों पर भी राज्य कर विभाग की नजर
अल्मोड़ा। कर चोरी रोकने के लिए अब राज्य कर विभाग जीएसटी के पुराने मामलों को भी गंभीरता से देख रहा है। नियमानुसार जीएसटी के 2017-18 के मामलों की समयावधि समाप्त होने वाली है। इनमें किसी तरह की गड़बड़ी कर किसी भी तरह से टैक्स की चोरी न की जा सके इसके लिए विभाग इस समयावधि के मामलों पर भी पूरा ध्यान दे रहा है। गड़बड़ी मिलने पर विभाग इस संबंध में भी कार्रवाई करेगा।

राज्य कर विभाग द्वारा व्यापारियों को जीएसटी में इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईसीटी) की व्यवस्था भी दी गई है। लेकिन विभाग के संज्ञान में आया है कि जिले में कुछ व्यापारी आईटीसी का गलत इस्तेमाल कर या फर्जी आईटीसी से टैक्स चोरी कर रहे हैं। ऐसे व्यापारियों की विभाग जांच कर रहा है। रिटर्न फाइलिंग की दर जिले में 95% तक पहुंची है जिसे विभाग ने 100% करने का लक्ष्य रखा है।
-नितिन कुमार, राज्य कर अधिकारी, अल्मोड़ा।
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