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योजना में चार साल बाद भी नहीं चला पानी
ब्यूरो/अमर उजाला, अल्मोड़ा/मौलेखाल।
Updated Wed, 06 Jan 2016 10:12 PM IST
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सल्ट के ब्लॉक के सुंदरखाल क्षेत्र में चार साल पहले 23 लाख रुपये खर्च कर बनाई गई ढुल गधेरा-दुधौड़ी पेयजल योजना में आज तक पानी नहीं चला। जाड़े के इस मौसम में भी लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है।
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जिलाधिकारी को ज्ञापन देने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने सुंदरखाल में क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने योजना निर्माण में धांधली का आरोप लगाते हुए जांच करने और पानी की आपूर्ति करने की मांग उठाई है।
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क्रमिक अनशन स्थल पर हुई सभा में ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र के जयराम, झगडू़कट्टा, नौगांव, तिमिल ढैय्या, दुधौड़ी आदि गांवों के लिए जल निगम ने 1976 में पेयजल योजना का निर्माण किया था। 1981 मेें योजना जल संस्थान को हस्तांतरित हो गई।
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संस्थान के चौकीदार किसी तरह पानी चला रहे थे। 2012 में सुधारीकरण को इस योजना को स्वैप मोड में शामिल किया गया गया। इसके बाद संस्थान ने तैनात चौकीदारों को भी हटा लिया। आरोप है कि बगैर काम करवाए ही योजना निर्माण को मिले 23 लाख रुपये डकार लिए।
वक्ताओं ने कहा कि नलों में पानी नहीं आने से लाभान्वित गांवों के 300 से अधिक परिवारों को काफी परेशानी हो रही है। ग्रामीण काफी दूर स्थित नौलों और गधेरों से पानी लाकर काम चला रहे हैं।
उन्होंने योजना में खर्च हुई धनराशि के घपले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और पेयजल योजना को दुरुस्त कर आपूर्ति सुचारु करने की मांग उठाई। जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत, गोपाल सिंह, रमेश सिंह, अमर सिंह, नंदन सिंह, पदम सिंह, शंकर सिंह, बालम सिंह, भगत सिंह आदि क्रमिक अनशन पर बैठे।