अर्जुनराठ और भानाराठ गांव से लगे जंगल होंगे हरे-भरे
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ग्राम पंचायत अर्जुनराठ और भानाराठ के ग्रामीणों का ‘मेरा गांव मेरा जंगल’ के तहत बड़फैल जंगल में पौधारोपण के लिए गड्ढ़े खोदने का अभियान जारी है। पिछले आठ दिनों में ग्रामीण पौधारोपण के लिए अब तक 600 गड्ढ़े खोद चुके हैं। गड्ढ़े खुदाने के बाद ग्रामीणों ने आज अर्जुनराठ गांव के प्राकृतिक जल स्रोत नौले की भी सफाई की। अमर उजाला फाउंडेशन के गगास नदी बचाओ अभियान से अर्जुनराठ और भानराठ गांव के ग्रामीणों को मेरा गांव मेरा जंगल अभियान की प्रेरणा मिली है। ग्रामीणों ने दुर्गड़िया, छिड़यां और बड़फैल के जंगल को हरा-भरा कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया है।
विश्व पर्यावरण दिवस से ग्रामीण जंगल में पौधारोपण करने के लिए प्रतिदिन सुबह दो घंटे गड्ढ़ों का खुदान कर रहे हैं। पिछले आठ दिनों में ग्रामीण अब तक 600 गड्ढ़े खोद चुके हैं। बरसात शुरू होने पर जुलाई माह में ग्रामीण इन गड्ढ़ों में चौड़ी पत्ती प्रजाति के बांज, उतीश आदि के पौधे लगाएंगे। ग्रामीण स्वयं पौधों का संरक्षण भी करेंगे। स्थानीय लोगों ने जंगल को हरा, भरा करने के लिए चारा पत्ती और लकड़ी के कटान के साथ ही गधेरों से खनन करने पर भी प्रतिबंध लगा रखा है।
बड़फैल के जंगल में ग्रामीणों ने आज सुबह भी पौधे लगाने के लिए गड्ढ़े खोदे। अर्जनराठ गांव में स्थित प्राकृतिक जल स्रोत नौले की सफाई भी की। ग्रामीणों ने नौले की छत पर उगी घास और आसपास उगी झाड़ियों का कटान किया। अभियान में नारायण बोरा, नरेंद्र बोरा, दीवान बोरा, शिवेंद्र बोरा, रवि बोरा, मनोज बोरा, त्रिभुवन बोरा, दीपक बोरा, सन्नू बोरा, ठाकुर सिंह बोरा आदि शामिल हुए।