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कोबरा और अजगर के खतरे से बचाएगी वन विभाग की क्यूआरटी
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अल्मोड़ा में सांप को रेस्क्यू करते वन दरोगा भुवन लाल टम्टा।
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। गर्मी शुरू होते ही घरों में सांप आदि घुसने के मामले भी बढ़ने लगते हैं। सांप को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ने के लिए वन विभाग ने क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) का गठन किया है। पिछले वर्ष गर्मी के मौसम में भी वन विभाग की क्यूआरटी ने विभिन्न प्रजाति के करीब 35 सांप पकड़े थे। अस्पताल में भी सर्पदंश के करीब 38 मामले इलाज के लिए पहुंचे थे।
अल्मोड़ा में सांप की मुख्य तौर पर चार प्रजातियां पाई जाती हैं जिसमें मुख्य रूप से पायथन, धामन, कोबरा और घोड़ा पछाड़ है। जिसमें कोबरा प्रजाति सबसे खतरनाक है। कुछ स्थानों पर अजगर मिलने के मामले भी सामने आते है। अल्मोड़ा रेंज के वन दरोगा भुवन लाल टम्टा करीब 10 साल से सांपों को पकड़कर जंगलों में छोड़ रहे हैं।
भुवन लाल ने बताया कि नगर के थाना बाजार, खत्याड़ी और धारानौला क्षेत्र से सबसे अधिक सांप निकलने की सूचना मिलती है। यहां सांप की पायथन, कोबरा, घोड़ा पछाड़ प्रजातियां मिलती हैं। सभी को पकड़कर जंगल में छोड़ा जाता है। जंगल से सटे क्षेत्रों में अजगर भी जंगलों से निकलकर आबादी क्षेत्र में आ जाते हैं। सर्पदंश के मामले देखें तो पिछले साल जिला अस्पताल में सर्पदंश के करीब 28 और बेस अस्पताल में करीब 10 मामले पहुंचे। जिला अस्पताल की पीएमएस डॉ. कुसुमलता पंत ने बताया कि सर्पदंश के इलाज के लिए अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में इंजेक्शन और दवाएं उपलब्ध हैं।
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कोट
हर साल गर्मियों में सांप निकलने की घटनाएं आम हैं। सांप निकलने पर घबराने की जरूरत नहीं है। वन विभाग अल्मोड़ा के फोन नंबर 05962-230065 पर इसकी सूचना दी जा सकती है। इसके बाद तुरंत क्यूआरटी टीम को भेजा जाएगा।
-मोहन राम, रेंजर अल्मोड़ा रेंज
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अल्मोड़ा में सांप की मुख्य तौर पर चार प्रजातियां पाई जाती हैं जिसमें मुख्य रूप से पायथन, धामन, कोबरा और घोड़ा पछाड़ है। जिसमें कोबरा प्रजाति सबसे खतरनाक है। कुछ स्थानों पर अजगर मिलने के मामले भी सामने आते है। अल्मोड़ा रेंज के वन दरोगा भुवन लाल टम्टा करीब 10 साल से सांपों को पकड़कर जंगलों में छोड़ रहे हैं।
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भुवन लाल ने बताया कि नगर के थाना बाजार, खत्याड़ी और धारानौला क्षेत्र से सबसे अधिक सांप निकलने की सूचना मिलती है। यहां सांप की पायथन, कोबरा, घोड़ा पछाड़ प्रजातियां मिलती हैं। सभी को पकड़कर जंगल में छोड़ा जाता है। जंगल से सटे क्षेत्रों में अजगर भी जंगलों से निकलकर आबादी क्षेत्र में आ जाते हैं। सर्पदंश के मामले देखें तो पिछले साल जिला अस्पताल में सर्पदंश के करीब 28 और बेस अस्पताल में करीब 10 मामले पहुंचे। जिला अस्पताल की पीएमएस डॉ. कुसुमलता पंत ने बताया कि सर्पदंश के इलाज के लिए अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में इंजेक्शन और दवाएं उपलब्ध हैं।
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हर साल गर्मियों में सांप निकलने की घटनाएं आम हैं। सांप निकलने पर घबराने की जरूरत नहीं है। वन विभाग अल्मोड़ा के फोन नंबर 05962-230065 पर इसकी सूचना दी जा सकती है। इसके बाद तुरंत क्यूआरटी टीम को भेजा जाएगा।
-मोहन राम, रेंजर अल्मोड़ा रेंज