फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Forest department looking for budget year round

बजट के लिए साल भर मुंह ताकता रहा वन विभाग

Thu, 14 Dec 2017 10:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा। Updated Thu, 14 Dec 2017 10:35 PM IST
विज्ञापन

साल खत्म होने को है, लेकिन वन विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए बजट नहीं मिल रहा है। बगैर पैसे के सिविल सोयम वन प्रभाग में कई योजनांए सालों से लंबित पड़ी हैं। इन योजनाओं में 5.40 करोड़ की लागत से बनने वाले मिनी जू, 1.50 करोड़ की लागत का बंदर बाड़ा और जिला योजना समेत कई कार्य लंबित हैं। और तो और जगंल बचाने और पर्यावरण को संरक्षित करने वाली वन विभाग की कैंपा योजना में भी इस बार बजट नहीं आया और पौधरोपण का कार्य नहीं हो सका। 

विज्ञापन


 जंगल को हरा-भरा करने की जिम्मेदारी निभाने वाले वन विभाग को पिछले दो-तीन सालों से बजट नहीं मिल पाया है। न तो नई योजनाएं आई हैं और न ही पुरानी योजनाओं के लिए पैसा जारी हुआ है। नगर के मृग विहार में 5.40 करोड़ की लागत से मिनी जू का निर्माण होना था, लेकिन बजट नहीं आने से काम रुका हुआ है। यही हाल बंदर बाड़े का भी है। 1.50 करोड़ की लागत से बनने वाले बंदर बाड़े के लिए भी धन आवंटित नहीं हुआ है। जिला योजना में बजट 25 लाख का रखा गया था जिसमेें केवल पांच लाख ही आया।
विज्ञापन


इस योजना के तहत वन विभाग को भवनों की मरम्मत, वन मार्ग आदि ठीक कराए जाते हैं। 2015-16 से वन विभाग को पशु जन हानि योजना के तहत 726 पशुओं की हानि और छह मानव घायल के लिए लगभग 90 लाख 57 हजार रुपये नहीं मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन


 इधर डीएफओ पंकज कुमार का कहना है कि वन विभाग में पुरानी कई योजनाओं के लिए करोड़ों रुपये का बजट नहीं मिल पाया है। लिहाजा सभी योजनाओं का काम रुका हुआ है। प्रमुख वन संरक्षक उत्तराखंड को कई बार पत्र व्यवहार कर विभाग की परेशानी बता दी गई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed