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बागा कि वां ड्यारा, म्यर फ्वां बागा रे...........................
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कौतिक में नृत्य के माध्यम से दर्शकों का मनोरंजन करते कलाकार। अमर उजाला
- फोटो : RANIKHET
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। बग्वालीपोखर के ऐतिहासिक बग्वाई कौतिक में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने देर रात तक दर्शकों को झूमने के लिए विवश कर दिया। स्कूली बच्चों और क्षेत्रीय कलाकारों ने जहां मंच पर प्रतिभा दिखाई, वहीं सांस्कृतिक विभाग की टीमों के कलाकारों के गीतों पर दर्शक देर रात तक झूमते रहे। मेले के दूसरे दिन रंगारंग कार्यक्रमों का बोलबाला रहा। छपेली ओ लाली हो लाली हौंसिया और म्यर फ्वां बागा रे गीतों पर दर्शक जमकर थिरके।
मल्लिका लोक कला समिति हल्द्वानी, हिमाद्री नेट अल्मोड़ा, हिमालयन लोक कला केंद्र अल्मोड़ा के कलाकारों की प्रस्तुतियां शानदार रहीं। जिलाधिकारी नितिन भदौरिया की प्रतिनिधि बतौर मुख्य अतिथि एसडीएम सीमा विश्वकर्मा, तहसीलदार सतीश बर्थवाल ने मेले के आयोजन के लिए समिति की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि मेलों के माध्यम से पर्यटन विकास को पंख लगेंगे।
लोक प्रकृति संस्था के प्रयासों को भी सराहा गया। अध्यक्षता करते हुए समाजसेवी कुंदन मेहता ने भी मेले के इतिहास की जानकारी दी। अतिथियों को मेले की स्मारिका बग्वाल, लोक प्रकृति की विवरण पुस्तिका और स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य उमा बिष्ट ने भी मेले के आयोजन को सराहा और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
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मेले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेला परिसर में ही चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध करवाई गई थी। जिसमें डॉ. ललित पंत, वरिष्ठ फार्मासिस्ट गोविंद मेहता सहित स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम उपस्थित थी। हिमाद्री नेट के कलाकारों ने म्यर फ्वां बागा रे गीत के माध्यम से दर्शकों को झुमाया, वहीं लोक गायिका रुचि आर्या ने चर्चा म्यर है रौ छौ, आजकल पहाड़ मां गीत से वाहवाही लूटी। लोकगायक पवन कार्की ने ओ लाली हो लाली हौंसिया के माध्यम से दर्शकों का जमकर मनोरंजन किया।
संचालन मोहन भंडारी और डॉ. संतोष बिष्ट ने किया। मेले में मल्लिका लोक कला समिति, हिमाद्री नेट, हिमालयन लोक कला केंद्र आदि सांस्कृतिक टीमों के अलावा स्कूली, क्षेत्रीय कलाकार और ज्ञानोदय शिक्षा केंद्र बासुलीसेरा, दीक्षा मांटेसरी स्कूल, जीजीआईसी बग्वालीपोखर दिव्य ज्योति पब्लिक स्कूल के बच्चे भी कार्यक्रम पेश कर रहे हैं।
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मल्लिका लोक कला समिति हल्द्वानी, हिमाद्री नेट अल्मोड़ा, हिमालयन लोक कला केंद्र अल्मोड़ा के कलाकारों की प्रस्तुतियां शानदार रहीं। जिलाधिकारी नितिन भदौरिया की प्रतिनिधि बतौर मुख्य अतिथि एसडीएम सीमा विश्वकर्मा, तहसीलदार सतीश बर्थवाल ने मेले के आयोजन के लिए समिति की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि मेलों के माध्यम से पर्यटन विकास को पंख लगेंगे।
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लोक प्रकृति संस्था के प्रयासों को भी सराहा गया। अध्यक्षता करते हुए समाजसेवी कुंदन मेहता ने भी मेले के इतिहास की जानकारी दी। अतिथियों को मेले की स्मारिका बग्वाल, लोक प्रकृति की विवरण पुस्तिका और स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य उमा बिष्ट ने भी मेले के आयोजन को सराहा और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
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मेले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेला परिसर में ही चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध करवाई गई थी। जिसमें डॉ. ललित पंत, वरिष्ठ फार्मासिस्ट गोविंद मेहता सहित स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम उपस्थित थी। हिमाद्री नेट के कलाकारों ने म्यर फ्वां बागा रे गीत के माध्यम से दर्शकों को झुमाया, वहीं लोक गायिका रुचि आर्या ने चर्चा म्यर है रौ छौ, आजकल पहाड़ मां गीत से वाहवाही लूटी। लोकगायक पवन कार्की ने ओ लाली हो लाली हौंसिया के माध्यम से दर्शकों का जमकर मनोरंजन किया।
संचालन मोहन भंडारी और डॉ. संतोष बिष्ट ने किया। मेले में मल्लिका लोक कला समिति, हिमाद्री नेट, हिमालयन लोक कला केंद्र आदि सांस्कृतिक टीमों के अलावा स्कूली, क्षेत्रीय कलाकार और ज्ञानोदय शिक्षा केंद्र बासुलीसेरा, दीक्षा मांटेसरी स्कूल, जीजीआईसी बग्वालीपोखर दिव्य ज्योति पब्लिक स्कूल के बच्चे भी कार्यक्रम पेश कर रहे हैं।

लोक नृत्य प्रस्तुत करते कलाकार। अमर उजाला- फोटो : RANIKHET