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दो मंजिले पुराने भवन में आग, घास और लकड़ियां राख
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Sat, 05 May 2018 10:47 PM IST
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आग से जलता मकान।
- फोटो : अमर उजाला
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विकासखंड के तल्ली मिरई में गत रात्रि दो मंजिले मकान में अचानक आग लग गई। अग्निकांड में घास, लकड़ियां और बक्से जलकर राख हो गए। भवन स्वामी सभी भाई बाहर रहते हैं। साढ़े सात बजे ग्रामीणों ने भवन से आग की लपटें उठती देखीं, इसके बाद ग्रामीण पानी से आग बुझाने लगे। रात्रि 10 बजे वहां रानीखेत से दमकल वाहन पहुंचा, लेकिन तब तक सब कुछ राख हो गया था।
तल्ली मिरई के चौड़ा तोक में उमेश चंद्र जोशी, महेश जोशी और भुवन चंद्र जोशी का संयुक्त दो मंजिला प्राचीन भवन है। जिसमें कुल आठ कमरे हैं। निचले कमरों में घास और लकड़ियां रखी गई थीं, जबकि ऊपरी मंजिल में बक्से सहित तमाम अन्य सामान था। शुक्रवार की देर शाम साढ़े सात बजे ग्रामीणों ने जब आग की लपटें देखी तो वहां हड़कंप मच गया। ग्रामीण आग बुझाने का प्रयास करने लगे, लेकिन प्रचंड आग पर काबू नहीं पा सके।
इस दौरान दमकल वाहन को सूचना दी गई, रात्रि 10 बजे वहां पानी लेकर दमकल कर्मी पहुंचे, लेकिन तब तक सब कुछ जल चुका था। मालूम हो कि इसी 28 अप्रैल को उमेश चंद्र जोशी पूजा पाठ करने के लिए घर आए थे, वह समय-समय पर घर आते रहते हैं। निचली मंजिल पर उनकी चाची सरस्वती देवी की लकड़ियां और घास थी, सरस्वती देवी दूसरे भवन में रहती हैं। घास जल जाने के कारण सरस्वती देवी के सम्मुुख अब मवेशियों के लिए चारा जुटाने की समस्या खड़ी हो गई है। इधर ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार का मुआवजा देने की मांग की की है।
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तल्ली मिरई के चौड़ा तोक में उमेश चंद्र जोशी, महेश जोशी और भुवन चंद्र जोशी का संयुक्त दो मंजिला प्राचीन भवन है। जिसमें कुल आठ कमरे हैं। निचले कमरों में घास और लकड़ियां रखी गई थीं, जबकि ऊपरी मंजिल में बक्से सहित तमाम अन्य सामान था। शुक्रवार की देर शाम साढ़े सात बजे ग्रामीणों ने जब आग की लपटें देखी तो वहां हड़कंप मच गया। ग्रामीण आग बुझाने का प्रयास करने लगे, लेकिन प्रचंड आग पर काबू नहीं पा सके।
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इस दौरान दमकल वाहन को सूचना दी गई, रात्रि 10 बजे वहां पानी लेकर दमकल कर्मी पहुंचे, लेकिन तब तक सब कुछ जल चुका था। मालूम हो कि इसी 28 अप्रैल को उमेश चंद्र जोशी पूजा पाठ करने के लिए घर आए थे, वह समय-समय पर घर आते रहते हैं। निचली मंजिल पर उनकी चाची सरस्वती देवी की लकड़ियां और घास थी, सरस्वती देवी दूसरे भवन में रहती हैं। घास जल जाने के कारण सरस्वती देवी के सम्मुुख अब मवेशियों के लिए चारा जुटाने की समस्या खड़ी हो गई है। इधर ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार का मुआवजा देने की मांग की की है।
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